NDA Governance – अमित शाह ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
NDA Governance – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देश के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आज देश के बड़े हिस्से और विशाल आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहा है। नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में अपने संबोधन के दौरान शाह ने पिछले एक दशक से अधिक समय में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख फैसलों और उनके प्रभाव का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कई ऐसे मुद्दों पर निर्णय लिए गए, जो लंबे समय से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रहे थे। उनके अनुसार, सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत स्थिरता और प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखते हुए विकास को प्राथमिकता दी है।
नीति आयोग की बैठक में रखा पक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अमित शाह ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व के दौरान देश ने कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व मिलने से नीतियों को लागू करने और उनके परिणामों को जमीन पर उतारने में मदद मिली है।
शाह के अनुसार, इस अवधि में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका को मजबूत किया है और विदेश नीति के क्षेत्र में भी आत्मविश्वासपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों ने देश की वैश्विक पहचान को सशक्त बनाया है।
राजनीतिक स्थिरता को बताया बड़ी उपलब्धि
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले नेता का देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है।
शाह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक देश में विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों और नेतृत्व परिवर्तन का दौर देखने को मिला, जबकि हाल के वर्षों में राजनीतिक स्थिरता ने नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों को गति प्रदान की है। उनके मुताबिक, यह स्थिरता विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक रही है।
विकास आधारित राजनीति पर दिया जोर
गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में विकास और सुशासन प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं। उनके अनुसार, जनता अब ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है जो सीधे तौर पर जीवन स्तर, बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक अवसरों से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं के माध्यम से लोगों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। शाह का मानना है कि विकास केंद्रित राजनीति ने लोकतांत्रिक विमर्श को नई दिशा दी है और शासन व्यवस्था में जवाबदेही को मजबूत किया है।
प्रमुख नीतिगत फैसलों का उल्लेख
अमित शाह ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख किया, जिनमें जम्मू-कश्मीर से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव, तीन तलाक की प्रथा समाप्त करने का कानून, नागरिकता संशोधन कानून और नए आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार, कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाना और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों का समाधान करना था। शाह के अनुसार, सरकार ने लंबे समय से लंबित कई विषयों पर निर्णय लेकर नई नीतिगत दिशा देने का प्रयास किया।
सुरक्षा और आंतरिक चुनौतियों पर भी चर्चा
गृह मंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार अभियान चलाए गए हैं। उनके अनुसार, सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार ने सख्त और स्पष्ट नीति अपनाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में लिए गए फैसलों ने देश की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने में योगदान दिया है। शाह के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों क्षेत्रों में समान रूप से ध्यान दिया गया है।
एनडीए के जनाधार पर जताया भरोसा
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि एनडीए देश के बड़े भौगोलिक क्षेत्र और आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने इसे जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक समर्थन का संकेत बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सुशासन, विकास और राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना है।