राष्ट्रीय

NEETProtest – बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों को मिली राहत, कानूनी मदद का भी ऐलान

NEETProtest- नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर बिहार और असम सरकारों ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों में राहत देने और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने का फैसला किया है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में इसी तरह की कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रभावित छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष फंड की घोषणा की है।

neet protest relief students update

बिहार सरकार ने मामलों पर लिया बड़ा निर्णय

बिहार सरकार के गृह विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक प्रदर्शन से जुड़े जिन मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई है, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन मामलों में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ भविष्य में किसी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। जिन लोगों को इन मामलों में गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में रखा गया है, उन्हें रिहा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बड़ी संख्या में छात्रों को मिल सकती है राहत

25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान पुलिस ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल 694 लोगों को पुलिस ने पकड़ा था, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग भी शामिल थे। सरकार के ताजा फैसले के बाद इन लोगों को कानूनी राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है।

आंदोलन से जुड़े पक्ष ने साझा की जानकारी

छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन CJP के प्रवक्ता सौरव दौस ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उन्हें बिहार और असम से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में मामलों को वापस लेने, भविष्य में कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का उल्लेख है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

कानूनी सहायता के लिए विशेष फंड

प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये के लीगल फंड की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य उन छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान विभिन्न मामले दर्ज किए गए हैं। इसे लेकर छात्र संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

CJP ने शुरू किया नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP ने ऑनलाइन एविडेंस-गैदरिंग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। संगठन का कहना है कि इस मंच के जरिए प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया, तो भविष्य में दोबारा व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।

बंगाल में स्थिति स्पष्ट नहीं, बिहार में पुलिसकर्मी निलंबित

जहां बिहार और असम में राहत संबंधी निर्णय सामने आए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में हिरासत में लिए गए छात्रों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इस कारण वहां के छात्रों और उनके परिजनों के बीच स्थिति को लेकर इंतजार बना हुआ है। दूसरी ओर, बिहार के सिवान जिले में प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति आधुनिक हथियार का इस्तेमाल करने के आरोप में एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.