NEETProtest – जंतर-मंतर प्रदर्शन पर CJP का दावा, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
NEETProtest– राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें पहुंचीं, जबकि पुलिसकर्मियों को लगी अधिकांश चोटें मामूली प्रकृति की थीं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।

पुलिस के आंकड़ों पर जताई आपत्ति
एक समाचार चैनल को दिए गए इंटरव्यू में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। सौरव दास ने दावा किया कि चिकित्सकों से हुई बातचीत के आधार पर उन्हें जानकारी मिली कि अधिकांश पुलिसकर्मियों को केवल हल्की सॉफ्ट टिश्यू इंजरी हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चोटों को वास्तविक स्थिति से अधिक गंभीर दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग का लगाया आरोप
पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उपलब्ध कई वीडियो में प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग के दृश्य दिखाई देते हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन में शामिल छात्रों, महिलाओं और अन्य लोगों के साथ सख्ती बरती गई। CJP ने कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पुलिस का पक्ष भी आया सामने
दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पथराव और हिंसक घटनाओं में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। सुरक्षा एजेंसियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई परिस्थितियों को देखते हुए की गई थी।
आंदोलन की प्रमुख मांगें बरकरार
आशुतोष रांका ने इंटरव्यू के दौरान स्पष्ट किया कि आंदोलन की मुख्य मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहरा रही है। इसके साथ ही NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन छात्रों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी जारी है, जिन्होंने कथित तौर पर इस मामले से जुड़े तनाव के कारण अपनी जान गंवाई। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक के फैसले पर दी प्रतिक्रिया
इंटरव्यू में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले पर भी सवाल पूछा गया। इस पर सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी वांगचुक का सम्मान करती है और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया है तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन इससे CJP का आंदोलन समाप्त नहीं माना जाएगा।
प्रदर्शन जारी रखने का किया ऐलान
पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।