राष्ट्रीय

NitinGadkari – संजय राउत का दावा, गडकरी की छवि बिगाड़ने की कोशिश पार्टी के भीतर से…

NitinGadkari- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गडकरी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किसी विपक्षी दल की ओर से नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से की जा रही है। राउत का कहना है कि गडकरी की बढ़ती स्वीकार्यता और लोकप्रियता के कारण उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश हो रही है।

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पार्टी के भीतर साजिश का लगाया आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि नितिन गडकरी के बारे में जो भ्रम या नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे बाहरी ताकतों की नहीं बल्कि उनकी अपनी पार्टी के कुछ लोगों की भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि गडकरी को राजनीतिक रूप से घेरने और उनकी साख को प्रभावित करने की कोशिश लगातार की जा रही है। हालांकि राउत ने अपने आरोपों के समर्थन में किसी नेता का नाम या कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

2014 से पहले की घटनाओं का किया उल्लेख

राउत ने अपने बयान में वर्ष 2014 से पहले की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब नितिन गडकरी के भाजपा अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा चल रही थी, तब भी उन्हें विवादों में घेरने के प्रयास हुए थे। राउत के अनुसार, गडकरी की राजनीतिक स्वीकार्यता लंबे समय से बनी हुई है और इसी वजह से समय-समय पर उनकी छवि को प्रभावित करने की कोशिशें होती रही हैं।

प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर टिप्पणी

शिवसेना यूबीटी नेता ने यह भी कहा कि नितिन गडकरी को भविष्य में प्रधानमंत्री पद का संभावित दावेदार माना जाता है। उनके अनुसार, यही वजह है कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता को सीमित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इस तरह की किसी आंतरिक रणनीति या दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही पार्टी ने इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया दी है।

E20 ईंधन को लेकर भी चर्चा में हैं गडकरी

हाल के दिनों में नितिन गडकरी E20 पेट्रोल नीति को लेकर भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। केंद्र सरकार ने देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस नीति को लेकर कुछ वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी और पुराने वाहनों पर संभावित असर जैसी चिंताएं जताई हैं। वहीं, गडकरी लगातार कह रहे हैं कि वैज्ञानिक परीक्षणों और उपलब्ध तकनीकी आंकड़ों के आधार पर E20 ईंधन से वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावों की पुष्टि नहीं होती।

सरकार और उपभोक्ताओं के बीच जारी है बहस

इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। दूसरी ओर, कुछ उपभोक्ता संगठनों और वाहन मालिकों ने इस नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में E20 ईंधन और उससे जुड़े दावों पर सार्वजनिक बहस अभी भी जारी है। इसी बीच संजय राउत का ताजा बयान राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया है।

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