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PoliticalControversy – अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनावी भाषण पर दर्ज हुई एफआईआर

PoliticalControversy – पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक चुनावी भाषणों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। मामला विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार अभियान से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत के आधार पर विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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चुनावी सभाओं के भाषणों पर आपत्ति

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने आरोप लगाया है कि अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई सार्वजनिक सभाओं में ऐसे बयान दिए, जिनसे सामाजिक तनाव बढ़ सकता था। शिकायत में कहा गया है कि 27 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित कार्यक्रमों में दिए गए भाषणों में कथित रूप से भड़काऊ और तीखी टिप्पणियां शामिल थीं।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि कुछ भाषणों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी आक्रामक बयान दिए गए। आरोपों के समर्थन में कई वीडियो लिंक और डिजिटल सामग्री पुलिस को सौंपी गई है। बागुईआटी थाने में शिकायत मिलने के बाद मामला साइबर क्राइम इकाई को भेजा गया, जहां औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई।

कई धाराओं के तहत मामला दर्ज

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों में सार्वजनिक शांति भंग करने, समाज में वैमनस्य बढ़ाने और कथित तौर पर धमकी भरी भाषा के इस्तेमाल से जुड़े पहलू शामिल हैं।

एफआईआर में कहा गया है कि भाषणों की सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती थी। पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपी गई है।

चुनाव परिणाम के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है। भाजपा की चुनावी बढ़त के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आई हैं। पार्टी के कुछ नेताओं और प्रवक्ताओं ने खुले तौर पर नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए हैं।

इसी बीच पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तृणमूल कांग्रेस ने अपने कुछ प्रवक्ताओं और नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और आंतरिक खींचतान दोनों तेज हुई हैं।

सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ी चर्चा

इस पूरे विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस के कुछ पूर्व पदाधिकारियों के वीडियो और सार्वजनिक बयान भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक नेता ने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में भाजपा नेताओं से पुराने बयानों को लेकर माफी मांगी और दावा किया कि पार्टी के भीतर कुछ समूहों की ओर से राजनीतिक दबाव बनाया जाता था।

इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्षी दल इसे तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष का संकेत बता रहे हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व इसे अनुशासन से जुड़ा मामला बता रहा है।

जांच पर टिकी राजनीतिक नजरें

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राज्य की राजनीति में प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई पर सभी दलों की नजर बनी रहेगी। फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

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