राष्ट्रीय

PoliticalShift – बंगाल में बदलते समीकरणों के बीच TMC नेताओं की बढ़ी सक्रियता

PoliticalShift – पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों और विधायकों की हालिया सरकारी बैठकों में मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को कल्याणी और सिलीगुड़ी में आयोजित प्रशासनिक बैठकों में TMC नेताओं की भागीदारी ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी।

tmc leaders bengal political shift

सबसे ज्यादा चर्चा तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार की मौजूदगी को लेकर हो रही है। हाल ही में उन्होंने संगठनात्मक पद से इस्तीफा दिया था और पार्टी के भीतर अपने साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक नाराजगी भी जताई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की समीक्षा बैठक में उनका शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कल्याणी बैठक में कई TMC विधायक पहुंचे

कल्याणी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित प्रशासनिक बैठक में उत्तर 24 परगना, नदिया और हुगली जिलों के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बैठक में तृणमूल के कई विधायक भी पहुंचे। इनमें देगंगा से अनीसुर रहमान बिश्वास, स्वरूपनगर से बीना मंडल और हरोआ से मोहम्मद अब्दुल मतीन समेत अन्य नेता शामिल थे।

बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपने-अपने क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाना था। कई विधायकों का कहना था कि जनता के हित में सरकार और प्रशासन के साथ संवाद बनाए रखना जरूरी है। हालांकि विपक्षी दलों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस घटनाक्रम को अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया है।

काकोली घोष दस्तीदार पर सबसे ज्यादा नजर

बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक टिप्पणी की थी, जिसे पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत के तौर पर देखा गया।

उनकी प्रशासनिक बैठक में मौजूदगी के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि दस्तीदार ने इन अटकलों को महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यक्रम सभी जनप्रतिनिधियों के लिए होते हैं और इसमें शामिल होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

सिलीगुड़ी में भी दिखी समान तस्वीर

उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या सचिवालय में आयोजित एक अन्य प्रशासनिक बैठक में भी तृणमूल के कई विधायक नजर आए। यह बैठक मॉनसून से पहले विकास और सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। इसमें उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशिथ प्रमाणिक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में शामिल TMC नेताओं ने कहा कि वे अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर चर्चा करने पहुंचे थे। नेताओं का कहना था कि इसे किसी राजनीतिक बदलाव या दल-बदल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि जनता के मुद्दों को उठाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने दिया राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद कहा कि उनकी सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले विपक्षी विधायकों को इस तरह की बैठकों में अवसर नहीं दिया जाता था, लेकिन अब सरकार ने इस परंपरा को बदलने की कोशिश की है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकास कार्यों के लिए सभी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। इस बयान को राज्य की बदलती राजनीतिक संस्कृति से जोड़कर देखा जा रहा है।

TMC के भीतर भी उठे अलग सुर

दिलचस्प बात यह रही कि तृणमूल के कुछ नेताओं ने भी इन बैठकों में शामिल होने को सकारात्मक कदम बताया। पार्टी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और प्रशासनिक भागीदारी को गलत नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने माना कि पिछले कई वर्षों में ऐसी पहल कम देखने को मिली थी।

इन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि संबंधित नेताओं ने किसी भी राजनीतिक बदलाव की अटकलों से इनकार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.