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Politics – अभिषेक बनर्जी ने घुसपैठ मुद्दे पर अमित शाह को घेरा

Politics – तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की सियासत में घुसपैठ के मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार यह स्पष्ट करेगी कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को किस श्रेणी में रखा जाएगा, जिन्हें भारत में शरण दी गई है। अभिषेक ने कहा कि जब राजनीतिक मंचों से बार-बार घुसपैठ की बात की जाती है, तो इस तरह के मामलों पर भी स्पष्टता जरूरी हो जाती है।

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घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र से जवाब की मांग

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चुनावी सभाओं में घुसपैठ का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन इससे जुड़ी वास्तविक स्थिति पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं रखी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विषय को राजनीतिक रूप से बार-बार दोहराकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अगर सरकार सख्त कार्रवाई की बात करती है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि किन आधारों पर किसी को घुसपैठिया माना जाता है।

सुरक्षा चूक को लेकर गृह मंत्रालय पर सवाल

तृणमूल नेता ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले साल पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं को रोकने में गृह मंत्रालय की भूमिका पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। अभिषेक ने पूछा कि जब सुरक्षा एजेंसियां इतनी सक्रिय बताई जाती हैं, तो फिर आतंकी घटनाएं कैसे हो जाती हैं और निर्दोष लोगों की जान क्यों जाती है।

वित्तीय पारदर्शिता पर भी उठाए मुद्दे

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर बयान देने से पहले केंद्र को उन योजनाओं का पूरा हिसाब देना चाहिए, जिनके तहत राज्यों को धनराशि भेजी जाती है। उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा फंड के वितरण पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग दोहराई और कहा कि इस विषय पर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

मतदाता सूची में नाम हटाने का आरोप

चुनाव से पहले अभिषेक बनर्जी ने एक बड़ा राजनीतिक दावा भी किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी फिर से सत्ता में आती है, तो मतदाता सूची से हटाए गए लाखों लोगों के नाम दोबारा जोड़े जाएंगे। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है।

चुनाव आयोग और भाजपा पर उठाए सवाल

तृणमूल नेता ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके बारे में स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या उन्हें विदेशी नागरिक मानकर हटाया गया है। अभिषेक ने मांग की कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता लाई जाए ताकि मतदाताओं का भरोसा बना रहे।

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