Politics – तमिलनाडु में सरकार गठन की उलझन के बीच विजय को लेकर हुआ पुराना खुलासा
Politics – तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति नई दिशा में जाती दिखाई दे रही है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से सरकार गठन को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अब भी पीछे है। कांग्रेस ने समर्थन का संकेत जरूर दिया है, मगर राजनीतिक समीकरण अभी पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं।

2009 में कांग्रेस से जुड़ना चाहते थे विजय
इसी राजनीतिक हलचल के बीच विजय से जुड़ा एक पुराना प्रसंग फिर चर्चा में आ गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2009 में विजय कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनने के इच्छुक थे। उस समय केंद्र में यूपीए-2 सरकार बनी थी और विजय अपने पिता एस.ए. चंद्रशेखर के साथ दिल्ली पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव गोपीनाथ पलनीयप्पन भी मौजूद थे।
बताया जाता है कि विजय की इच्छा चुनाव लड़ने की नहीं थी। वह केवल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्यता लेना चाहते थे। उस दौरान राहुल गांधी संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और यूथ कांग्रेस व एनएसयूआई को नए ढंग से खड़ा करने में जुटे हुए थे। इसी सिलसिले में उन्होंने विजय को सलाह दी कि सीधे सदस्य बनने के बजाय वे पहले यूथ कांग्रेस के चुनावी ढांचे के जरिए खुद को साबित करें।
राहुल गांधी की शर्त के बाद नहीं बनी बात
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी की यह शर्त विजय को पसंद नहीं आई। उस समय वह तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते थे और अपने करियर के अहम दौर में थे। कहा जाता है कि बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और विजय वापस चेन्नई लौट गए। उस समय उनकी उम्र करीब 34 वर्ष थी और वह अपनी 50वीं फिल्म के करीब पहुंच चुके थे।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि उस दौर में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी द्रमुक विजय की एंट्री को लेकर सहज नहीं थी। माना जाता है कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति ने भी इस मामले को प्रभावित किया। हालांकि कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि इसके बाद भी विजय और राहुल गांधी के बीच समय-समय पर संपर्क बना रहा।
कांग्रेस नेताओं की पुरानी तस्वीर फिर चर्चा में
हाल ही में कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने वर्ष 2009 की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें विजय, सांसद हिबी ईडन और गोपीनाथ पलनीयप्पन एक साथ दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। रागिनी नायक ने इसे साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस और विजय के बीच संबंध कोई नए नहीं हैं, बल्कि दोनों पक्षों का जुड़ाव कई वर्षों पुराना है।
यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है जब तमिलनाडु में संभावित गठबंधन को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में कांग्रेस और TVK के बीच सहयोग भविष्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को दिया संदेश
सरकार गठन की कोशिशों के बीच विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कांग्रेस को खुला संदेश देते हुए कहा कि अगर पार्टी विजय का साथ देती है तो तमिलनाडु में खोया हुआ राजनीतिक आधार फिर हासिल किया जा सकता है। उनके इस बयान को राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कांग्रेस और विजय की पार्टी मिलकर बहुमत का रास्ता निकाल पाएंगे या तमिलनाडु में राजनीतिक अस्थिरता का दौर आगे भी जारी रहेगा।