राष्ट्रीय

PosterControversy – डोडा में पाकिस्तान समर्थक पोस्टर वीडियो से सतर्क हुई सुरक्षा एजेंसियां

PosterControversy – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के पुल डोडा क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस वीडियो में एक दीवार पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के समर्थन में पोस्टर लगाए जाने का दावा किया गया है। जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया पर फैलने लगी, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र तुरंत सक्रिय हो गए और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई।

doda pakistan poster video alert

वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा चिंताएं

बताया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहे पोस्टर को ‘जम्मू कश्मीर यूथ मूवमेंट’ नामक एक कथित संगठन से जोड़ा गया है। इस पोस्टर में पाकिस्तान की विदेश नीति से जुड़े कुछ पहलुओं की सराहना की गई है, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। साथ ही, कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के समर्थन के लिए आभार जताने जैसी बातें भी इसमें लिखी बताई जा रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी

मामले को लेकर डोडा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1) के तहत एफआईआर संख्या 95/2026 दर्ज की है। डोडा के डीएसपी कृष्ण रतन ने जानकारी देते हुए कहा कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और संदेश ऐसे हैं, जो आम जनता के बीच अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह वीडियो वास्तविक है या किसी तकनीक की मदद से तैयार किया गया है।

वीडियो की सत्यता पर उठे सवाल

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल क्लिप असली है या फिर इसे कृत्रिम तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। हाल के समय में फर्जी वीडियो और डिजिटल मैनिपुलेशन के मामलों में वृद्धि को देखते हुए पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से ले रही है। अभी तक घटनास्थल से ऐसा कोई पोस्टर बरामद नहीं हुआ है, जिससे वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर संदेह और बढ़ गया है।

जियो-लोकेशन और तकनीकी जांच पर फोकस

पुलिस टीम वीडियो की जियो-टैगिंग से जुड़ी जानकारी की भी बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी संकेतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो वास्तव में डोडा क्षेत्र में ही रिकॉर्ड किया गया या नहीं। इसके साथ ही साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है ताकि किसी भी तरह की डिजिटल छेड़छाड़ का पता लगाया जा सके।

अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं

अब तक इस मामले में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना ठोस सबूत के कोई कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। फिलहाल प्राथमिकता इस बात की है कि वीडियो की सच्चाई सामने लाई जाए और यदि इसके पीछे कोई संगठित साजिश है तो उसे उजागर किया जाए।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहें स्थिति को बिगाड़ सकती हैं, इसलिए जिम्मेदारी से जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है।

इस पूरे घटनाक्रम पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.