उत्तर प्रदेश

BriberyCase – यूपी में विजिलेंस की कार्रवाई, रंगेहाथ गिरफ्तार हुए दरोगा और क्लर्क

BriberyCase – उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत मंगलवार को दो अलग-अलग जिलों में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की। बहराइच में एक पुलिस उपनिरीक्षक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जबकि आजमगढ़ में विश्वविद्यालय से जुड़े एक संविदाकर्मी को भी घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया। इन घटनाओं के सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है और जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।

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बहराइच में पुलिस अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप

बहराइच जिले में मोतीपुर थाना क्षेत्र की दौलतपुर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेश चंद्र गिरी को विजिलेंस टीम ने एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक आपराधिक मामले में नाम हटाने के बदले पैसे की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को चिह्नित नोट दिए गए और जैसे ही आरोपी ने पैसे स्वीकार किए, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।

रंगेहाथ गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

विजिलेंस टीम ने आरोपी उपनिरीक्षक को 10 हजार रुपये के साथ हिरासत में लिया और उसे नानपारा कोतवाली ले जाया गया। वहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आजमगढ़ में विश्वविद्यालय कर्मचारी पर शिकंजा

इसी दिन आजमगढ़ में भी सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात एक संविदाकर्मी लिपिक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी संजय पर आरोप है कि उसने एक महाविद्यालय की संबद्धता बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे थे। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई।

संबद्धता बढ़ाने के नाम पर मांगी गई बड़ी रकम

शिकायतकर्ता, जो एक महाविद्यालय के प्रबंधक हैं, ने आरोप लगाया कि उनसे तीन लाख रुपये की मांग की गई थी। यह रकम कथित तौर पर रजिस्ट्रार के माध्यम से दिलाने की बात कही गई थी। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही पैसे का लेनदेन हुआ, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।

तलाशी में अतिरिक्त नकदी बरामद

गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में आरोपी के पास से अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार, उसकी अलमारी से एक लाख से अधिक रुपये मिले हैं, जिनके स्रोत की जांच की जा रही है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी

इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। फिलहाल रजिस्ट्रार को सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन उनके संबंध में सामने आए तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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