RajyaSabhaElection – 24 सीटों के मुकाबले पर टिकी नजर, NDA की बढ़त पर हुई चर्चा…
RajyaSabhaElection – देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 24 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी सामने आने की संभावना है। इस चुनाव पर सभी प्रमुख दलों की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे संसद के उच्च सदन में राजनीतिक दलों की ताकत को प्रभावित कर सकते हैं।

राज्यसभा के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए यह चुनाव विशेष महत्व रखता है। विभिन्न राज्यों में विधानसभा के आंकड़े यह तय करेंगे कि कौन-सा दल कितनी सीटों पर बढ़त हासिल कर सकता है।
उच्च सदन में संख्या बढ़ाने की कोशिश
राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में NDA के पास बहुमत के साथ मजबूत उपस्थिति है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा है, जिसके पास उच्च सदन में सबसे अधिक सदस्य हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों के जरिए गठबंधन अपनी संख्या और मजबूत करना चाहेगा। हालांकि, उपलब्ध सीटों और राज्यों की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य तुरंत हासिल होना आसान नहीं माना जा रहा है। फिर भी कई राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दल बेहतर प्रदर्शन की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
किन राज्यों में हो रहे हैं चुनाव
इस बार आंध्र प्रदेश और गुजरात में चार-चार सीटों के लिए मतदान होना है। कर्नाटक में भी चार सीटों पर चुनाव होगा। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश में तीन-तीन सीटों के लिए मुकाबला तय है।
इसके अलावा झारखंड में दो सीटों पर चुनाव होगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए मतदान कराया जाएगा। कुछ रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव भी इसी प्रक्रिया के तहत संपन्न कराए जाएंगे।
आंध्र प्रदेश में NDA की मजबूत स्थिति
आंध्र प्रदेश विधानसभा के मौजूदा आंकड़े NDA के पक्ष में दिखाई देते हैं। तेलुगु देशम पार्टी, जन सेना पार्टी और भाजपा के संयुक्त संख्याबल के कारण गठबंधन यहां काफी मजबूत स्थिति में है।
राजनीतिक समीकरणों को देखें तो चारों सीटों पर NDA उम्मीदवारों के जीतने की संभावना जताई जा रही है। विपक्षी दलों के पास संख्या बल अपेक्षाकृत कम होने के कारण मुकाबला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
गुजरात में भाजपा को स्पष्ट बढ़त
गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास मजबूत बहुमत है। राज्य में पार्टी का संख्याबल ऐसा है कि राज्यसभा चुनाव में उसे किसी बड़े राजनीतिक जोखिम का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि उपलब्ध चारों सीटों पर भाजपा की स्थिति काफी मजबूत है। विधानसभा के वर्तमान गणित को देखते हुए यहां परिणाम लगभग एकतरफा रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में संतुलित मुकाबला
राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास पर्याप्त संख्या बल है। मौजूदा समीकरणों के अनुसार भाजपा दो सीटों पर बढ़त बना सकती है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश में भी तस्वीर कुछ हद तक ऐसी ही दिखाई दे रही है। विधानसभा में भाजपा के मजबूत संख्याबल के कारण दो सीटें उसके पक्ष में जा सकती हैं। वहीं कांग्रेस एक सीट पर अपनी दावेदारी बनाए हुए है।
कर्नाटक और झारखंड पर विशेष नजर
कर्नाटक में चुनावी गणित अपेक्षाकृत रोचक माना जा रहा है। यहां कुछ सीटों पर परिणाम विधायकों के मतदान रुख पर निर्भर कर सकते हैं। कांग्रेस और NDA दोनों की रणनीति इस राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
झारखंड में सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन का संख्याबल अधिक है, इसलिए दोनों सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि NDA रणनीतिक तरीके से एक सीट पर चुनौती पेश कर सकता है।
नतीजों से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
राज्यसभा चुनाव केवल सीटों का मुकाबला नहीं बल्कि संसद के उच्च सदन में भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण चरण भी माना जा रहा है। विभिन्न राज्यों के विधानसभा गणित के आधार पर अधिकांश सीटों के परिणाम का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन अंतिम तस्वीर मतदान और उम्मीदवारों के समर्थन पर निर्भर करेगी।
18 जून को होने वाले मतदान के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सा गठबंधन राज्यसभा में अपनी स्थिति कितनी मजबूत कर पाया है।