राष्ट्रीय

RamMandir – चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, नितेश राणे ने विपक्ष पर साधा निशाना

RamMandir – अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए उन पर धार्मिक मुद्दों पर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कुछ राजनीतिक दल केवल राम मंदिर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाते हैं, जबकि अन्य धार्मिक संस्थानों से जुड़े विवादों पर चुप्पी साध लेते हैं।

ram mandir donation political row

विपक्ष के आरोपों पर राणे की प्रतिक्रिया

अहमदनगर (अहिल्यानगर) जिले के शिरडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नितेश राणे ने कहा कि मस्जिदों के चंदे या हज यात्रा से जुड़े कथित वित्तीय विवादों पर विपक्ष ने कभी उसी तरह विरोध दर्ज नहीं कराया, जैसा राम मंदिर मामले में किया जा रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की और आरोप लगाया कि कुछ दल हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।

चढ़ावा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक टकराव

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित मामले को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और आम आदमी पार्टी इस विषय पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

ट्रस्ट की भूमिका पर आया बयान

इसी बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में सरकार का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका, अधिकार और जिम्मेदारियों का निर्धारण स्वयं ट्रस्ट करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष मंदिर प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठा रहा है।

विपक्ष ने अभियान को दी रफ्तार

कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के बाद आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे को लेकर अपना अभियान शुरू किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र पर हस्ताक्षर करने की अपील की है। इस पत्र के माध्यम से कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि श्रद्धालुओं के योगदान से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है।

जांच और आगामी राजनीतिक रणनीति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी। संघ ने यह भी अपेक्षा जताई कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो। दूसरी ओर, विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि मामले के सभी पहलुओं की समान रूप से जांच नहीं हो रही। विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि वे संसद के आगामी मानसून सत्र में भी इस विषय को उठाएंगे और सरकार से विस्तृत जवाब की मांग करेंगे।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.