SelfEmployment – ग्रामीण कारीगरों को निशुल्क मशीनें देने के लिए आवेदन आमंत्रित…
SelfEmployment- खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक और अन्य इच्छुक कारीगरों के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली नई पहल शुरू की है। योजना के तहत पात्र आवेदकों को बिना किसी शुल्क के मोटराइज्ड दोना-पत्तल मेकिंग मशीन और पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाने में सहयोग देना है।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
विभाग के अनुसार यह योजना ऐसे लोगों के लिए तैयार की गई है, जो अपने स्तर पर लघु उद्योग या घरेलू उत्पादन का कार्य शुरू करना चाहते हैं। मशीनों की मदद से कम लागत में व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए विकल्प विकसित हो सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ऑनलाइन आवेदन करना होगा अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को सबसे पहले खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन पत्र की प्रति और निर्धारित दस्तावेज जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करना आवश्यक होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने वाले आवेदनों पर ही आगे विचार किया जाएगा।
इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
आवेदन के साथ निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो), आधार कार्ड, राशन कार्ड, शैक्षिक प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक की प्रति तथा संबंधित कार्य से जुड़े व्यावहारिक अनुभव या दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां जमा करनी होंगी। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से सभी दस्तावेज सही और पूर्ण रूप से प्रस्तुत करने की अपील की है, ताकि आवेदन की जांच में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
9 जुलाई तक जमा करने होंगे आवेदन
विभाग ने आवेदन प्रक्रिया के लिए अंतिम तिथि 9 जुलाई निर्धारित की है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते ऑनलाइन आवेदन पूरा करें और सभी आवश्यक दस्तावेज जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा कर दें। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है सहारा
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मशीनों के माध्यम से कारीगर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विभाग ने पात्र अभ्यर्थियों से योजना का लाभ उठाने और समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।