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VishwakarmaScheme – पारंपरिक कारीगरों के लिए निशुल्क कौशल प्रशिक्षण हेतु आवेदन शुरू…

VishwakarmaScheme- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले के पारंपरिक कारीगरों से निशुल्क कौशल प्रशिक्षण के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इस योजना के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीकों के साथ आगे बढ़ा सकें। इच्छुक अभ्यर्थी 10 जुलाई तक विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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कई पारंपरिक व्यवसायों को मिलेगा प्रशिक्षण

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग प्रवीण मौर्य ने बताया कि योजना में विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें दर्जी, बढ़ई, लोहार, नाई, राजमिस्त्री और हलवाई जैसे प्रमुख ट्रेड शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान संबंधित कार्यों की व्यावहारिक जानकारी के साथ दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कारीगर अपने काम को अधिक प्रभावी और बेहतर तरीके से संचालित कर सकें।

स्वरोजगार को बढ़ावा देना है उद्देश्य

अधिकारियों के अनुसार योजना का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों के कौशल को विकसित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और पारंपरिक हुनर को नई पहचान मिल सके।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित

योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइट www.diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन करते समय सभी जानकारियां सही तरीके से भरें, ताकि सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए।

पात्रता की शर्तें भी तय

योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। केवल पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन पर ही नियमानुसार विचार किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर ही स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए इच्छुक कारीगर अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

पारंपरिक हुनर को मिलेगा नया अवसर

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को ऐसे कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो वर्षों से पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपने कौशल को निखारने, आधुनिक कार्यप्रणालियों को समझने और रोजगार के नए अवसरों तक पहुंच बनाने का मौका मिलेगा। विभाग का कहना है कि इस पहल से स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

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