राष्ट्रीय

VoterRoll – ओडिशा में मतदाता सूची से नाम हटाने पर जांच के आदेश

VoterRoll – ओडिशा में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामले ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले पूरी प्रक्रिया का ठीक से सत्यापन किया जाए। हाल में सामने आई शिकायतों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

odisha voter roll removal verification order

शिकायतों के बाद बढ़ी प्रशासनिक सख्ती

पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां लोगों ने आरोप लगाया कि वे जीवित और उसी पते पर रहने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों की दोबारा जांच की जाए। खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बिना उचित जांच के कोई नाम न हटे।

बूथ स्तर पर प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारियों ने मृतक या स्थान बदलने के आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाने के लिए चिन्हित किए थे। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार केवल निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के पास होता है। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।

सामान्य से अधिक संख्या ने बढ़ाई चिंता

आमतौर पर हर वर्ष राज्य में लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, लेकिन इस बार यह आंकड़ा असामान्य रूप से अधिक बताया जा रहा है। यही वजह है कि इस पूरी प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जरूरत महसूस की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी विशेष अभियान के कारण हो सकती है, लेकिन फिर भी हर मामले की पुष्टि जरूरी है।

राजनीतिक दलों ने जताई आशंका

इस घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कुछ नेताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि जो लोग रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं, उनके नाम बिना पर्याप्त कारण के सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए।

पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर

विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना है कि इसमें सभी संबंधित पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

प्रशासन ने दिए स्पष्ट निर्देश

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन मामलों में मतदाताओं को मृत घोषित किया गया है, उनकी विशेष रूप से जांच की जाए। साथ ही, फील्ड स्तर पर जाकर सत्यापन करने पर जोर दिया गया है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

मतदाताओं के लिए सहायता व्यवस्था

मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन सेवा भी सक्रिय की गई है, जहां लोग अपने नाम की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं और किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.