CricketControversy – दांबुला में खराब रोशनी के बीच सुपर ओवर पर उठे सवाल
CricketControversy – दांबुला में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया त्रिकोणीय वनडे सीरीज का मुकाबला नतीजे से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में आ गया। मुकाबला टाई रहने के बाद सुपर ओवर कराया गया, लेकिन मैच के दौरान लिए गए कई फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर खराब रोशनी में खेल जारी रखने और तेज गेंदबाजों को गेंदबाजी की अनुमति देने को लेकर क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है।

मैच टाई होने के बाद बढ़ा विवाद
रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा, जिसके बाद सुपर ओवर का फैसला लिया गया। हालांकि इससे पहले भी मैच कई कारणों से चर्चा में रहा। भारतीय टीम पर 10 रन की पेनल्टी लगाए जाने को लेकर सवाल उठे। अंपायरों ने भारतीय खिलाड़ी विपराज निगम को दो बार पिच के प्रतिबंधित हिस्से पर दौड़ने का दोषी माना, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
मैच की अंतिम गेंद पर भी एक स्थिति बनी जब बल्लेबाजों ने रन पूरा किया। भारतीय टीम ने उस फैसले पर आपत्ति जताई थी, लेकिन अंपायर अपने निर्णय पर कायम रहे। बाद में उपलब्ध रिप्ले में रन को वैध माना गया।
सुपर ओवर से पहले लंबी चर्चा
श्रीलंका ए द्वारा लक्ष्य की बराबरी करने के बाद मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। जानकारी के अनुसार, उस समय रोशनी लगातार कम हो रही थी और मैच अधिकारियों को भी परिस्थितियों को लेकर चिंता थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अंपायर शुरुआत में सुपर ओवर कराने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि दोनों टीमों के कप्तानों के बीच बातचीत के बाद मुकाबले को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो खेल रोका जा सकता है।
अधिकारियों ने पहले ही जताई थी आशंका
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मैच अधिकारियों ने पहले से ही दोनों पक्षों को संकेत दिया था कि यदि रोशनी पर्याप्त नहीं रही तो आगे खेल संभव नहीं होगा। लेकिन टाई मैच के बाद फैसले को लेकर हुई चर्चा के दौरान समय और बीत गया, जिससे मैदान पर दृश्यता और कम हो गई।
जब सुपर ओवर शुरू हुआ, तब तक रोशनी पहले की तुलना में और कमजोर हो चुकी थी। यही कारण है कि बाद में लिए गए फैसलों पर सवाल खड़े होने लगे।
तेज गेंदबाजों को अनुमति मिलने पर उठे प्रश्न
विवाद का सबसे बड़ा कारण खराब रोशनी में तेज गेंदबाजों को गेंदबाजी की अनुमति देना माना जा रहा है। सामान्य परिस्थितियों में कम दृश्यता होने पर खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पिन गेंदबाजों को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन इस मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से तेज गेंदबाजों ने सुपर ओवर में गेंदबाजी की।
स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब श्रीलंका ए की सुपर ओवर पारी की आखिरी गेंद पर ऊंचाई से संबंधित नो-बॉल का फैसला तीसरे अंपायर ने दिया। इस निर्णय के बाद मैदान पर फिर चर्चा शुरू हो गई और खेल कुछ समय के लिए रुका रहा।
खिलाड़ियों और दर्शकों को हुई परेशानी
सुपर ओवर में भारत ए के बल्लेबाजों को 17 रन का लक्ष्य मिला। उस समय तक मैदान पर दृश्यता एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार स्टेडियम में मौजूद कई दर्शकों को गेंद का पीछा करने में कठिनाई महसूस हुई।
कुछ खिलाड़ियों को भी गेंद साफ दिखाई नहीं दे रही थी। मैदान पर मौजूद एक खिलाड़ी को अपने साथियों से यह कहते हुए सुना गया कि गेंद को देखना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मुकाबले को जारी रखने के फैसले ने सुरक्षा और खेल संचालन से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं।