FakeTickets – लखनऊ में IPL टिकट फर्जीवाड़े का अंतरराज्यीय नेटवर्क पकड़ा गया
FakeTickets – लखनऊ पुलिस ने IPL मैचों के नाम पर फर्जी टिकट बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। आरोप है कि यह गिरोह आधुनिक डिजिटल टूल्स और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से असली जैसे दिखने वाले टिकट तैयार करता था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से बड़ी संख्या में नकली टिकट और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं।

यह मामला तब सामने आया जब उरई निवासी एक युवक को इकाना स्टेडियम के बाहर खरीदा गया टिकट फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में पूरे नेटवर्क तक पहुंच गई।
स्टेडियम के बाहर युवक से हुई ठगी
उरई के सुशील नगर निवासी प्रदीप सिंह गुरुवार को लखनऊ में IPL मुकाबला देखने पहुंचे थे। बताया गया कि स्टेडियम के बाहर कुछ युवकों ने उन्हें मैच के दो टिकट उपलब्ध कराने की बात कही। प्रदीप ने टिकट खरीदने के लिए ऑनलाइन भुगतान कर दिया और टिकट लेकर प्रवेश द्वार तक पहुंचे।
जब स्टेडियम कर्मचारियों ने टिकट का बारकोड स्कैन किया तो वह अमान्य पाया गया। जांच में टिकट नकली निकला और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ऑनलाइन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड खंगालते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे थे टिकट
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग डिजाइनिंग और तकनीकी कार्यों का अनुभव रखते थे। एक आरोपी ने पॉलीटेक्निक से आर्किटेक्चर में डिप्लोमा किया हुआ है, जबकि दूसरे ने इंटरनेट और कोचिंग के माध्यम से 2D और 3D डिजाइनिंग सीखी थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से असली टिकटों की तस्वीरें हासिल करते थे। इसके बाद डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से टिकटों का लेआउट और रंग संयोजन तैयार किया जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि टिकट की गुणवत्ता और आकार समझने के लिए उन्होंने डिजिटल टूल्स की सहायता ली थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, कई सामान बरामद
डीसीपी दक्षिण अमित आनंद ने बताया कि पुलिस ने चारों आरोपियों को दोदनखेड़ा चौराहे के पास से पकड़ा। सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ लोग पहले कार वॉशिंग और डिजाइनिंग जैसे काम करते थे।
पुलिस ने उनके कब्जे से लैपटॉप, नकली टिकट, प्रिंटेड पेपर शीट, कटर, बैंक दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि टिकट बेचने के लिए वे अलग-अलग बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग कर रहे थे।
दिल्ली और दूसरे शहरों में भी सक्रिय था गिरोह
गोसाईंगंज के एसीपी ऋषभ यादव के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दूसरे राज्यों में भी क्रिकेट स्टेडियमों के बाहर टिकट बेचने की कोशिश कर चुके हैं।
कुछ दिन पहले यह समूह दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम भी पहुंचा था। वहां उन्होंने फर्जी टिकट बेचने की योजना बनाई, लेकिन टिकटों की गुणवत्ता और बारकोड में गड़बड़ी होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरोपी लखनऊ पहुंचे और यहां मैच के दौरान लोगों को निशाना बनाना शुरू किया।
क्रिकेट दीवानगी का उठाया फायदा
पुलिस का कहना है कि IPL मैचों के दौरान टिकटों की भारी मांग का फायदा उठाकर यह गिरोह लोगों को आसान तरीके से झांसे में लेता था। खासतौर पर बड़े खिलाड़ियों के मुकाबलों में टिकटों की कमी होने पर कई दर्शक स्टेडियम के बाहर टिकट खरीद लेते हैं, जिसका फायदा ऐसे गिरोह उठाते हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि अब तक कितने लोगों को इस तरीके से ठगा गया।