ODI Squad – इंग्लैंड सीरीज में हार के बाद इन चार खिलाड़ियों की वनडे टीम में जगह पर बढ़े सवाल
ODI Squad– इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-2 से मिली हार के बाद भारतीय टीम के संयोजन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। टीम प्रबंधन आगामी वनडे असाइनमेंट से पहले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकता है। ऐसे में कुछ ऐसे नाम सामने आ रहे हैं, जिनकी अगले वनडे स्क्वॉड में जगह मुश्किल नजर आ रही है। इनमें ऑलराउंडर शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन शामिल बताए जा रहे हैं।

शिवम दुबे के वनडे भविष्य पर सवाल
टी20 प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके शिवम दुबे वनडे क्रिकेट में अब तक प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे हैं। हालिया मुकाबलों में न तो उनका बल्ला अपेक्षित योगदान दे पाया और न ही गेंदबाजी से टीम को खास फायदा मिला। फील्डिंग में भी उनका प्रदर्शन साधारण रहा। यदि हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी पूरी तरह फिट होकर वापसी करते हैं तो टीम में उनकी जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
वॉशिंगटन सुंदर के विकल्प तलाशे जा सकते हैं
ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी उन खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं जिनकी भूमिका पर चयनकर्ता दोबारा विचार कर सकते हैं। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम सीमित विकल्पों के साथ आगे बढ़ना चाहती है। ऐसे में स्पिन ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल को प्राथमिकता मिलती दिखाई दे रही है। साथ ही युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है, जिससे सुंदर की जगह प्रभावित होने की संभावना बनती है।
गुरनूर बराड़ का प्रदर्शन बना चिंता का विषय
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड सीरीज में भी लगातार तीन मैच खेलने का मौका मिला। हालांकि उन्होंने शुरुआती मुकाबलों में कुछ विकेट जरूर लिए, लेकिन उनकी गेंदबाजी काफी महंगी साबित हुई। अंतिम वनडे में उन्होंने 97 रन खर्च किए, जिससे उनकी इकॉनमी को लेकर सवाल उठे। दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे गेंदबाज उपलब्ध रहते हैं तो प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो जाएगी।
ईशान किशन की भूमिका पर मंथन संभव
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मामला बाकी खिलाड़ियों से थोड़ा अलग माना जा रहा है। उन्होंने हाल के दौर में एक शतक भी लगाया, लेकिन उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी पारी की शुरुआत में अधिक प्रभावी मानी जाती है। यदि टीम उन्हें केवल बैकअप ओपनर और विकेटकीपर के रूप में देखती है तो उनके लिए अवसर बने रह सकते हैं। हालांकि मध्यक्रम में उनकी भूमिका को लेकर यदि चयनकर्ता संतुष्ट नहीं होते हैं, तो ऐसे खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है जो लंबे समय से मिडिल ऑर्डर में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस स्थिति में ऋषभ पंत और संजू सैमसन जैसे विकल्प भी चयन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकते हैं।