Retirement – अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट को कहा अलविदा
Retirement – भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 38 वर्ष की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने 30 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार प्रदर्शन के दम पर वापसी की कोशिश की, लेकिन वह दोबारा भारतीय टीम में स्थायी जगह नहीं बना सके। अब उन्होंने अपने लंबे क्रिकेट सफर को औपचारिक रूप से विराम दे दिया है।

टेस्ट क्रिकेट में छोड़ी गहरी छाप
हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में रहाणे का प्रदर्शन अपेक्षाकृत साधारण रहा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलीं। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए और इस दौरान 12 शतक तथा 26 अर्धशतक अपने नाम किए। उनका बल्लेबाजी औसत 38.46 रहा। लॉर्ड्स, मेलबर्न और वेलिंगटन जैसे प्रतिष्ठित मैदानों पर उनके शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास की उल्लेखनीय पारियों में गिने जाते हैं।
वनडे और टी20 में भी किया भारत का प्रतिनिधित्व
रहाणे ने भारत के लिए 90 वनडे मुकाबलों में 2962 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 24 अर्धशतक शामिल रहे। वहीं 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 375 रन बनाए। उनका आखिरी वनडे मुकाबला वर्ष 2018 में जबकि अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2016 में खेला गया था। इसके बाद उनका पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट और घरेलू प्रतियोगिताओं पर केंद्रित रहा।
वापसी की कोशिश जारी रही
जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद रहाणे लगातार घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे। उन्होंने रणजी ट्रॉफी सहित अन्य टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास किया। आईपीएल में भी वह कई मौकों पर उपयोगी पारियां खेलते रहे और कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम में वापसी का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।
कप्तानी में दर्ज किया यादगार इतिहास
रहाणे का कप्तानी करियर भी काफी सफल माना जाता है। वर्ष 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली। कई प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2-1 से जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस जीत को भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रेरणादायक अभियानों में शामिल किया जाता है।
कप्तान के रूप में प्रभावशाली रिकॉर्ड
अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट कप्तान के रूप में शानदार रिकॉर्ड छोड़ा। उनकी अगुवाई में भारत ने छह टेस्ट मैच खेले, जिनमें चार में जीत मिली और दो मुकाबले ड्रॉ रहे। इन मैचों में टीम को एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा। वनडे कप्तान के रूप में उन्होंने तीन मैचों में भारत का नेतृत्व किया और सभी मुकाबलों में टीम विजयी रही। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने दो मैचों में कप्तानी की, जिनमें एक जीत और एक हार दर्ज हुई।
क्रिकेट से रिश्ता रहेगा कायम
संन्यास की घोषणा के साथ रहाणे ने अपने पेशेवर खिलाड़ी के रूप में सफर को विराम दिया है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। शांत स्वभाव, अनुशासित बल्लेबाजी और टीम-फर्स्ट सोच के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहेंगे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम को यादगार सफलताएं दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।