Accident – मुरादाबाद में पानी भरी बाल्टी में गिरने से एक वर्षीय बच्ची की हुई मौत
Accident – मुरादाबाद के जयंतीपुर इलाके में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक वर्षीय बच्ची की जान चली गई। परिवार के अनुसार बच्ची अपनी ननिहाल आई हुई थी और घर में खेलते-खेलते बाथरूम तक पहुंच गई। आशंका है कि पानी से भरी बाल्टी में मुंह के बल गिरने के कारण उसका दम घुट गया। घटना के बाद परिवार के लोग तुरंत उसे संभालने पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस हादसे से दोनों परिवारों में शोक का माहौल है।

खेलते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार कुंदरकी निवासी नदीम की पत्नी गुलिस्ता कुछ दिन पहले अपने बच्चों के साथ मायके जयंतीपुर आई थीं। रविवार सुबह करीब नौ बजे उनकी सबसे छोटी बेटी आयत घर में खेल रही थी। इसी दौरान वह बाथरूम में चली गई, जहां पानी से भरी एक छोटी बाल्टी रखी थी। परिजनों का कहना है कि बच्ची उसी बाल्टी में मुंह के बल गिर गई। जब तक परिवार की नजर उस पर पड़ी, उसकी सांसें बंद हो चुकी थीं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की सूचना मिलते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। बच्ची के पिता और अन्य परिजन भी कुंदरकी से जयंतीपुर पहुंच गए। आयत चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और पूरे परिवार की लाडली मानी जाती थी। उसकी असमय मृत्यु से माता-पिता सहित सभी परिजन गहरे सदमे में हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
अंतिम विदाई दी गई
परिजनों के अनुसार रविवार दोपहर बाद बच्ची के शव को कुंदरकी लाया गया। इसके बाद स्थानीय कब्रिस्तान में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
ऐसे हादसों से बचने के लिए रखें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों के साथ घर में मौजूद पानी से भरे बर्तन भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे हादसों से बचाव के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है। पानी से भरी बाल्टी, टब या ड्रम को खुला न छोड़ें और उपयोग के बाद उन्हें खाली कर दें। यदि पानी रखना आवश्यक हो तो कंटेनर को ढक्कन से बंद रखें। छोटे बच्चों को बाथरूम या ऐसे स्थानों पर अकेला न छोड़ें जहां पानी मौजूद हो। बच्चों की देखरेख के लिए किसी वयस्क की उपस्थिति सुनिश्चित करें और बाथरूम का दरवाजा उपयोग के बाद बंद रखने की आदत अपनाएं।
प्रशासन और विशेषज्ञों की सलाह
बाल सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ समय-समय पर अभिभावकों को घर के भीतर भी सतर्क रहने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि कम गहराई वाले पानी में भी छोटे बच्चों के साथ गंभीर हादसे हो सकते हैं। इसलिए परिवारों को विशेष रूप से शिशुओं और छोटे बच्चों की लगातार निगरानी करनी चाहिए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।