MurderCase – आगरा हत्याकांड में अकेली आरोपी की भूमिका पर पुलिस का फोकस
MurderCase – आगरा में चर्चित सुरेंद्र शर्मा हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का कहना है कि इस मामले में रूबी शर्मा की भूमिका ही सामने आई है और फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। इसके बावजूद जांच एजेंसी किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। इसी वजह से पूरे घटनाक्रम की दोबारा पड़ताल करने और घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराने की तैयारी की जा रही है।

घटनास्थल को फिर से जांचने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की कई परिस्थितियां ऐसी हैं जिनकी पुष्टि केवल क्राइम सीन के पुनर्निर्माण से ही हो सकती है। इसके लिए बाथरूम को उसी स्थिति में तैयार करने की योजना बनाई जा रही है, जैसी वह घटना के समय थी। वैज्ञानिक टीम की मौजूदगी में यह समझने का प्रयास होगा कि मिट्टी भरने, शव को छिपाने और फर्श को सामान्य रूप देने में कितना समय लगा होगा। इस प्रक्रिया से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि एक व्यक्ति के लिए यह पूरा काम करना कितना व्यावहारिक था।
पूछताछ में बयान नहीं बदले
पुलिस ने हिरासत में रूबी शर्मा से कई दौर की पूछताछ की है। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग सवाल पूछे जाने के बावजूद उसने अपने पहले दिए गए बयान से अलग कोई नई बात नहीं कही। उसका कहना है कि किसी अन्य व्यक्ति का नाम लेने से उसे कोई लाभ नहीं होगा। उसने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों और बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई है। पुलिस इन बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
वैज्ञानिक तरीके से होगी घटनाक्रम की पुष्टि
जांच टीम अब सुरेंद्र शर्मा की लंबाई और वजन के अनुरूप एक डमी तैयार कर क्राइम सीन का परीक्षण करने पर विचार कर रही है। इसके जरिए यह देखा जाएगा कि शव को कमरे से बाथरूम तक ले जाने में कितना समय लग सकता था और उसे जमीन में दबाने की पूरी प्रक्रिया कितनी कठिन रही होगी। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि बाथरूम में कितनी गहराई तक खुदाई की गई थी और मिट्टी को समतल करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी होगी। इन सभी निष्कर्षों की तुलना आरोपी के बयान से की जाएगी।
घटनाक्रम की समयरेखा पर भी जांच
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 16 मई को सुरेंद्र शर्मा भरतपुर गए थे। अगले दिन वह अपनी पत्नी रूबी के साथ रिश्तेदारों के घर पहुंचे। जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, उसी रात उन्हें नींद की गोलियां दिए जाने का दावा किया गया है। 18 मई को परिवार के अन्य सदस्यों के घर से बाहर रहने के दौरान शव को बाथरूम में दबाने का आरोप है। अगले दिन फर्श पर सीमेंट का काम कराया गया। इसके बाद कुछ दिनों तक सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिश की गई और 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कंकाल मिलने के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार
करीब डेढ़ महीने बाद 3 जुलाई को पुलिस ने बाथरूम की खुदाई कर मानव कंकाल बरामद किया। शुरुआती जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रूबी शर्मा को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यदि आगे कोई नया तथ्य या साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उपलब्ध प्रमाणों को मजबूत कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।