AyodhyaRamMandir – चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस की सद्बुद्धि पदयात्रा, तेज हुई जांच की मांग
AyodhyaRamMandir- अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक के बाद पार्टी ने शहर के प्रमुख मार्गों पर सद्बुद्धि पदयात्रा निकाली। इस दौरान नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई।

बैठक के बाद निकाली गई पदयात्रा
कार्यक्रम में पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य मंदिर प्रशासन और सरकार को कटघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को जनता के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में कथित गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे या दान राशि के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
संगठन को मजबूत बनाने पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का आह्वान किया। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
सद्बुद्धि पदयात्रा में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष मोहन चंद्र उप्रेती ने किया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानीय नेताओं ने भी अपने विचार रखे और कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच से ही तथ्यों की स्पष्टता हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई
पदयात्रा के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना है। उन्होंने दोहराया कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। पार्टी ने इस पूरे मामले में पारदर्शी जांच की मांग को दोहराया।