उत्तर प्रदेश

AyushmanCard – सत्यापन प्रक्रिया में बदलाव से लाभार्थियों को मिली राहत

AyushmanCard – आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड जारी होने में हो रही देरी को कम करने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत कार्डों के सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया को अधिक विकेंद्रीकृत बनाया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इस निर्णय से उन लोगों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके कार्ड आवेदन लंबे समय से लंबित चल रहे हैं।

ayushman card verification process relief

अब तक सत्यापन की प्रक्रिया मुख्य रूप से राज्य स्तर पर संचालित होती थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रह जाते थे। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी समस्या का समाधान करना है।

जिला स्तर पर होगी जांच और मंजूरी

नए निर्देशों के अनुसार, आयुष्मान कार्ड से जुड़े मामलों में सत्यापन, स्वीकृति और अस्वीकृति की प्रारंभिक जिम्मेदारी जिला स्तरीय समिति को सौंपी गई है। समिति द्वारा जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुमति के लिए भेजा जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू होने से आवेदन निस्तारण की गति बढ़ेगी। इससे पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा और अनावश्यक विलंब कम होगा।

लंबित आवेदनों की संख्या बनी थी चुनौती

राज्य में बड़ी संख्या में आयुष्मान कार्ड आवेदन लंबे समय से लंबित बताए जा रहे हैं। सत्यापन प्रक्रिया के केंद्रीकृत होने के कारण आवेदनों के निपटारे में कई बार महीनों का समय लग जाता था। इससे ऐसे परिवार प्रभावित होते थे जिन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल आवश्यकता होती थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब बड़ी संख्या में आवेदन एक ही केंद्र पर पहुंचते हैं तो प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही कारण था कि समयबद्ध निर्णय लेना चुनौती बन गया था।

पहले कैसे होती थी प्रक्रिया

पूर्व व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी होने के बाद आवेदन का पूरा विवरण राज्य मुख्यालय भेजा जाता था। यह कार्य विभिन्न माध्यमों जैसे राशन विक्रेता, आशा कार्यकर्ता और जन सेवा केंद्रों के जरिए पूरा किया जाता था।

इसके बाद अंतिम सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। चूंकि पूरे प्रदेश के आवेदन एक ही स्तर पर जांचे जाते थे, इसलिए लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। कई पात्र परिवारों को कार्ड जारी होने का इंतजार करना पड़ता था।

समय पर इलाज मिलने की बढ़ेगी संभावना

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह माना जा रहा है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पात्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जल्दी मिल सकेगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को निर्धारित अस्पतालों में निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

जब कार्ड समय पर जारी होगा, तब मरीजों को इलाज के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

प्रशासन को भी मिलेगी कार्य में तेजी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जिला स्तर पर अधिकार दिए जाने से कार्यभार का बेहतर वितरण होगा। स्थानीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और पात्रता का सत्यापन अपेक्षाकृत तेज गति से किया जा सकेगा।

नई प्रणाली लागू होने के बाद लंबित मामलों में कमी आने और लाभार्थियों को शीघ्र सुविधा मिलने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले समय में यह बदलाव योजना की प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.