CabinetDecision – योगी सरकार के फैसलों से कर्मचारियों और स्टार्टअप क्षेत्र को मिली राहत
CabinetDecision- उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, स्टार्टअप उद्यमियों और कुछ संस्थागत मामलों पर पड़ेगा। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी मिली और कुछ लंबित वित्तीय मामलों पर भी निर्णय लिया गया।

कई विभागों के कर्मचारियों को मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार गृह विभाग, अधीनस्थ न्यायालय, राज्यपाल सचिवालय, विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय सहित कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्दी, वर्दी नवीनीकरण तथा धुलाई भत्ते में संशोधन किया गया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि जिन कर्मचारियों के भत्तों में पहले संशोधन नहीं हो पाया था, उनके लिए गठित समिति की सिफारिशों को अब मंजूरी दे दी गई है। अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार भत्तों में वृद्धि की गई है और कुछ मामलों में यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक पहुंचती है। इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
इन विभागों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार इस निर्णय का लाभ गृह विभाग, कारागार प्रशासन एवं सुधार, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष विभाग तथा न्याय विभाग के अधीन कार्यरत उन कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलेगा, जिनके भत्ते पूर्व की वेतन समिति की सिफारिशों में शामिल नहीं हो पाए थे। सरकार का कहना है कि संशोधित भत्तों से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
स्टार्टअप नीति 2026 को भी मिली मंजूरी
बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का उद्देश्य राज्य में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकें। नई नीति के तहत शुरुआती चरण से लेकर कारोबार के विस्तार तक स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहयोग देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 100 करोड़ रुपये तक के दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
स्टार्टअप्स के लिए बढ़ाई गई आर्थिक सहायता
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अनुसार नई नीति के तहत स्टार्टअप संस्थापकों को मिलने वाला सस्टेनेंस अलाउंस अब 17,500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है और इसकी अवधि भी एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए मिलने वाला अनुदान 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। सीड फंडिंग की सीमा भी 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक उपलब्ध कराई जा सकेगी।
अन्य प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर
कैबिनेट बैठक में बी. अवेयर फाउंडेशन से जुड़े लंबित किराया बकाया को माफ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह संस्था राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से जुड़ी है। साथ ही संबंधित भवन आवंटन के नवीनीकरण को भी स्वीकृति मिली। इसके अलावा राज्य के पूर्व मुख्य सचिव आर.के. तिवारी से संबंधित सरकारी आवास के लंबित बकाया को माफ करने का भी निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार ये सभी फैसले निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित प्रस्तावों के आधार पर लिए गए हैं।