CrimeReport – वृंदावन की दो नाबालिग बहनों के साथ मथुरा में गंभीर अपराध, चार गिरफ्तार…
CrimeReport – धार्मिक नगरी वृंदावन से जुड़ी एक गंभीर घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। घर से निकली दो नाबालिग सगी बहनों के साथ मथुरा में आपराधिक वारदात को अंजाम दिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला स्थानीय पुलिस चौकी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां एक मई को दोनों बहनें अचानक लापता हो गई थीं। परिवार ने तलाश के बाद उसी दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

लापता होने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ी
दोनों बहनों के अचानक गायब हो जाने से परिवार में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस की मदद ली गई। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई, लेकिन इससे पहले कि कोई ठोस जानकारी मिलती, अगले दिन दोनों बहनें बेहद डरी और असहज हालत में घर लौट आईं। घर पहुंचने के बाद उन्होंने जो कुछ बताया, उससे परिवार ही नहीं बल्कि पुलिस भी गंभीर हो गई।
मदद के बहाने संपर्क में आया आरोपी
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन दोनों बहनें गौरी गोपाल आश्रम के पास पहुंची थीं। वहीं उनकी मुलाकात एक ऑटो चालक से हुई, जिसने खुद को मददगार बताकर उन्हें अपने वाहन में बैठा लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भरोसा जीतने के बाद उन्हें मथुरा के एक निजी गेस्ट हाउस में पहुंचाया। यह पूरा घटनाक्रम योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
गेस्ट हाउस में अन्य आरोपियों की एंट्री
गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद मुख्य आरोपी ने अपने दो साथियों को भी वहां बुला लिया। जांच में यह भी सामने आया कि वहां मौजूद रिसेप्शन कर्मचारी ने भी इस अपराध में सहयोग किया। आरोप है कि इन चारों ने मिलकर दोनों नाबालिगों के साथ गंभीर अपराध किया। घटना के बाद आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए पीड़ितों को वहां से हटाने की कोशिश की।
साक्ष्य छिपाने की कोशिश और ट्रेन में भेजा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ितों को मथुरा जंक्शन ले जाकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। इसका उद्देश्य उन्हें दूर भेजना और साक्ष्य मिटाना था। हालांकि, दोनों बहनों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह वापस लौटने में सफलता पाई। घर पहुंचते ही उन्होंने पूरी घटना अपने परिवार को बताई, जिसके बाद मामला तुरंत पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने धाराएं बदलीं और जांच तेज की
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले दर्ज गुमशुदगी के मामले को बदलकर गंभीर धाराओं में दर्ज किया। इसमें पोक्सो कानून सहित अन्य सख्त धाराएं जोड़ी गईं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तेजी से जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
चारों आरोपी गिरफ्तार, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी कैलाश नगर की ओर जाने वाले एक कच्चे रास्ते से की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और पीड़ितों के बयान न्यायालय में दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, आगे की कानूनी कार्रवाई भी तेजी से की जा रही है।
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।