CyberCrime – मेरठ पुलिस ने 365 पीड़ितों को लौटाए करीब 1.90 करोड़ रुपये
CyberCrime- ऑनलाइन ठगी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए मेरठ पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान 365 पीड़ितों को लगभग 1.90 करोड़ रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। साइबर सेल और विभिन्न थानों की साइबर हेल्प डेस्क ने संयुक्त अभियान चलाकर न केवल ठगी की रकम सुरक्षित कराई, बल्कि साइबर अपराध में शामिल कई आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इस दौरान डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए कई तकनीकी कदम भी उठाए गए।

ठगी की रकम समय रहते कराई गई सुरक्षित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर सेल ने एमआरएम पोर्टल के जरिए 136 पीड़ितों को करीब 11.44 लाख रुपये वापस दिलाए। वहीं बैंकों के सहयोग से 229 अन्य पीड़ितों के लगभग 1.78 करोड़ रुपये उनके खातों में वापस पहुंचाए गए। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खातों को समय रहते होल्ड कराया गया, जिससे बड़ी धनराशि साइबर ठगों तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षित कर ली गई।
आरोपियों पर लगातार हुई कार्रवाई
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में वर्षभर के दौरान 40 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 40 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पुलिस ने साइबर नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए 1382 मोबाइल नंबर और 2179 IMEI नंबर ब्लॉक कराए। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे कदमों से ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल उपकरणों और नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलती है।
शिकायतों के निस्तारण पर रहा विशेष जोर
साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया। एनसीआरवी पोर्टल पर दर्ज 3203 शिकायतों का निस्तारण किया गया। वहीं जीआरएम पोर्टल के माध्यम से 29 बैंक खातों को आवश्यक जांच के बाद अनफ्रीज कराया गया। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई करते हुए संबंधित पोर्टल पर दर्ज तीन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 113 शिकायतों का समाधान कर करीब 4.16 लाख रुपये की बरामदगी कराई गई। नाबालिगों से जुड़े 122 मामलों का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
प्रतिबिंब पोर्टल से मिली अहम जानकारी
पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 30 नए मुकदमे दर्ज करने में सफलता मिली। इन मामलों में 31 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी व्यवस्था के कारण साइबर अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।
अभियान में कई उपकरण भी बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5.20 लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, 24 मोबाइल फोन, 25 सिम कार्ड, एक राउटर, पांच एटीएम कार्ड, 16 पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर आठ मुकदमे दर्ज किए गए और नौ आरोपियों पर कार्रवाई की गई।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।