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ITRFiling – आयकर रिटर्न प्रक्रिया में नया बदलाव, अब देना होगा अतिरिक्त पता

ITRFiling- असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब रिटर्न भरने वाले प्रत्येक करदाता को अपने मुख्य पते के साथ एक अतिरिक्त संपर्क पता भी दर्ज करना होगा। आयकर विभाग ने ITR-1 से लेकर ITR-7 तक सभी रिटर्न फॉर्म में सेकेंडरी एड्रेस का नया कॉलम जोड़ा है। विभाग ने इस बदलाव के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन कर विशेषज्ञों का मानना है कि इसका उद्देश्य करदाताओं के रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित बनाना और जरूरत पड़ने पर उनसे बेहतर तरीके से संपर्क स्थापित करना है।

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विदेशी आय और संपत्तियों की जानकारी भी होगी उपलब्ध

आयकर विभाग ने Annual Information Statement (AIS) में भी एक अहम सुविधा जोड़ी है। अब करदाता अपने विदेशी बैंक खाते, निवेश, विदेशी आय और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी देख सकेंगे। यह डेटा Automatic Exchange of Information (AEOI) व्यवस्था के तहत भारत को विभिन्न देशों से प्राप्त होता है। फिलहाल वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित सूचनाएं AIS में उपलब्ध करा दी गई हैं, जबकि वर्ष 2025 का डेटा सितंबर या अक्टूबर 2026 के दौरान जोड़े जाने की संभावना है।

100 से अधिक देशों से साझा होती है वित्तीय जानकारी

भारत को अंतरराष्ट्रीय कर सूचना साझा करने वाले समझौतों के तहत 100 से ज्यादा साझेदार देशों और न्याय-क्षेत्रों से वित्तीय विवरण प्राप्त होते हैं। इनमें विदेशी बैंक खातों, कस्टोडियल अकाउंट, कुछ निवेश, ब्याज से होने वाली आय, डिविडेंड और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। इन सूचनाओं का उद्देश्य करदाताओं द्वारा घोषित आय और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच पारदर्शिता बनाए रखना है।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर मिल रही है पूरी जानकारी

अब तक करदाता AIS के माध्यम से अपने PAN से जुड़ी घरेलू वित्तीय जानकारी जैसे ब्याज आय, डिविडेंड, Mutual Fund निवेश, Securities Transaction और संपत्ति खरीद-बिक्री से संबंधित विवरण देख सकते थे। अब विदेशी वित्तीय जानकारी भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने लगी है। आयकर विभाग करदाताओं को SMS और Email के जरिए भी जागरूक कर रहा है, ताकि वे रिटर्न दाखिल करते समय विदेशी संपत्तियों और आय का सही विवरण दर्ज कर सकें।

रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। पहले यह समयसीमा 31 जुलाई थी, जिसे एक महीने के लिए बढ़ाया गया। करदाता Income Tax e-Filing Portal पर अपनी User ID और Password के माध्यम से लॉगिन कर रिटर्न जमा कर सकते हैं। नए उपयोगकर्ताओं को पहले PAN, Aadhaar और अन्य आवश्यक विवरणों के साथ पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।

ई-वेरिफिकेशन करना भी अनिवार्य

रिटर्न जमा करने के बाद केवल फाइलिंग करना पर्याप्त नहीं होगा। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर उसका e-Verification भी पूरा करना होगा। यदि निर्धारित अवधि में सत्यापन नहीं किया जाता, तो रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी मानी जा सकती है। इसलिए समय पर रिटर्न दाखिल करने के साथ-साथ उसका सत्यापन करना भी उतना ही जरूरी है।

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