Nutrition – मान लें दूध के साथ इन खाद्य पदार्थों से परहेज की सलाह, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ ने बताई वजह…
Nutrition– दूध को लंबे समय से संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन B12 समेत कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आयुर्वेद में भी नियमित और सही तरीके से दूध का सेवन लाभकारी बताया गया है। हालांकि आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें दूध के साथ लेने से बचना चाहिए, क्योंकि यह संयोजन कुछ लोगों में पाचन संबंधी असहजता का कारण बन सकता है।

आयुर्वेद में ‘विरुद्ध आहार’ की अवधारणा
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. रॉबिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि कुछ खाद्य संयोजन ‘विरुद्ध आहार’ की श्रेणी में आते हैं। उनके अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थों का बार-बार एक साथ सेवन करने से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। बच्चों से लेकर वयस्कों तक, सभी को भोजन के ऐसे संयोजनों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
नमक और दूध साथ लेने से बचें
विशेषज्ञ के अनुसार दूध के साथ नमक या अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन उचित नहीं माना जाता। आयुर्वेद में दूध की तासीर शीतल और नमक की प्रकृति अलग मानी गई है। यही कारण है कि दोनों का एक साथ सेवन कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है।
खट्टे फलों के साथ दूध का सेवन क्यों नहीं
संतरा, मौसमी, नींबू, अनानास और अंगूर जैसे खट्टे फलों के साथ दूध लेने से कुछ लोगों को पेट में भारीपन, गैस, अपच या एसिडिटी की शिकायत हो सकती है। इसलिए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ इन दोनों का सेवन अलग-अलग समय पर करने की सलाह देते हैं।
केला और दूध का संयोजन
बनाना शेक काफी लोकप्रिय पेय है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार केला और दूध का मिश्रण हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। विशेषज्ञ का कहना है कि इस संयोजन से कुछ लोगों को ब्लोटिंग, पेट भारी लगना और पाचन संबंधी असुविधा महसूस हो सकती है।
मछली के साथ दूध न लेने की सलाह
आयुर्वेद में मछली और दूध का सेवन एक साथ करने से भी बचने की बात कही गई है। विशेषज्ञ के अनुसार दोनों की प्रकृति अलग मानी जाती है और इन्हें साथ लेने से कुछ लोगों में त्वचा संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि इस विषय पर आधुनिक चिकित्सा में अलग-अलग मत मौजूद हैं।
दही और खमीर वाले खाद्य पदार्थ
दूध के साथ दही, विशेष रूप से गर्म दही, तथा खमीर से बने खाद्य पदार्थों का सेवन भी आयुर्वेद में उचित नहीं माना गया है। ऐसा करने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं।
तरबूज और खरबूजे के साथ दूध
तरबूज और खरबूजा पानी से भरपूर फल हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार इन्हें दूध के साथ लेने से पेट में भारीपन, अपच या कुछ संवेदनशील लोगों में उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दोनों का सेवन अलग-अलग समय पर करना बेहतर माना जाता है।
मूली और दूध का संयोजन
आयुर्वेद में मूली के साथ दूध का सेवन भी टालने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ का कहना है कि लंबे समय तक इस तरह के संयोजन का नियमित सेवन कुछ लोगों में त्वचा संबंधी समस्याओं की संभावना बढ़ा सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
बार-बार विरुद्ध आहार लेने पर क्या हो सकता है
विशेषज्ञ के अनुसार यदि विरुद्ध आहार का सेवन लंबे समय तक लगातार किया जाए तो यह शरीर के पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आयुर्वेद में ऐसे संयोजनों को प्रतिरक्षा तंत्र के असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।