उत्तर प्रदेश

CyberFraud – शेयर निवेश के नाम पर बैंक मैनेजर से लाखों की ठगी

CyberFraud – उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक बैंक मैनेजर से 42.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित भारतीय स्टेट बैंक में प्रबंधकीय पद पर कार्यरत हैं। घटना के बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

gorakhpur share investment cyber fraud case

पुलिस के अनुसार, ठगों ने सुनियोजित तरीके से निवेश का झांसा देकर बैंक अधिकारी को अपने जाल में फंसाया। शुरुआती स्तर पर भरोसा बनाने के बाद धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करवाई गई। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

व्हाट्सएप समूह के जरिए बनाया भरोसा

शिकायत के मुताबिक, पीड़ित कुछ महीनों पहले व्हाट्सएप पर चल रहे दो निवेश समूहों से जुड़े थे। इन समूहों में खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताने वाले लोग निवेश संबंधी सलाह देते थे। रोजाना ऑनलाइन सत्र आयोजित किए जाते थे और निवेश से भारी लाभ कमाने के दावे किए जाते थे।

समूह में शामिल कुछ लोग लगातार अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे, जिससे अन्य सदस्यों का भरोसा मजबूत होता गया। ठगों ने खुद को बड़े निवेश संस्थानों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की।

फर्जी ऐप और दस्तावेजों का इस्तेमाल

पीड़ित को बाद में एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए ट्रेडिंग खाता खुलवाने के लिए कहा गया। शुरुआत में कम रकम निवेश कराई गई और खाते में लाभ भी दिखाया गया। इससे पीड़ित को लगा कि निवेश वास्तविक है और मुनाफा मिल रहा है।

कुछ समय बाद ठगों ने आईपीओ और प्री-ओपन मार्केट ट्रेडिंग में अधिक लाभ का दावा करते हुए बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। बैंक मैनेजर ने अलग-अलग चरणों में लाखों रुपये जमा कर दिए। एप में खाते का बैलेंस लगातार बढ़ता दिखाया जाता रहा।

पैसे निकालने की कोशिश में खुला मामला

पीड़ित ने जब निवेश की गई रकम और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की, तब ठगों ने अलग-अलग कारण बताकर भुगतान रोक दिया। कभी तकनीकी दिक्कत तो कभी अतिरिक्त प्रक्रिया का हवाला दिया गया। इससे उन्हें संदेह हुआ।

बाद में जांच करने पर सामने आया कि जिन कंपनियों, निवेश योजनाओं और ऑनलाइन कार्यक्रमों का हवाला दिया जा रहा था, वे असली नहीं थे। इसके बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

साइबर पुलिस कर रही तकनीकी जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित साइबर ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है। ऐसे मामलों में पहले लोगों को छोटा मुनाफा दिखाकर विश्वास में लिया जाता है और फिर बड़ी रकम निवेश करवाई जाती है।

साइबर थाना पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। तकनीकी टीम डेटा विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना जांच भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना पैसे ट्रांसफर करने से बचने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए निवेश से जुड़े हर प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.