DigitalCensus – यूपी में आज से शुरू हुई ऑनलाइन स्वगणना प्रक्रिया
DigitalCensus – उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया गुरुवार से नए डिजिटल स्वरूप में शुरू हो गई है। इस बार राज्य के लोग स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधिकारिक तौर पर इस प्रक्रिया की शुरुआत की। पहले चरण में नागरिक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी भरेंगे। यह चरण 21 मई तक चलेगा।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज की गई जानकारियों का सत्यापन करेंगे। जिन परिवारों ने ऑनलाइन स्वगणना नहीं की होगी, उनका विवरण भी इसी दौरान एकत्र किया जाएगा। यह प्रक्रिया 20 जून तक जारी रहेगी। जनगणना का अगला चरण अगले वर्ष प्रस्तावित है।
पूरी प्रक्रिया पहली बार डिजिटल मोड में
जनगणना विभाग की ओर से बताया गया है कि इस बार व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके लिए पहले परिवार पंजीकरण करना होगा, जिसमें नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएंगे।
ओटीपी सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता अपनी भाषा चुन सकेंगे और फिर पते के साथ मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित करेंगे। इसके बाद ऑनलाइन प्रश्नावली भरनी होगी। सभी जानकारी जमा करने के बाद संबंधित परिवार को एक विशेष स्वगणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे बाद में प्रगणक सत्यापन के दौरान दर्ज करेंगे।
परिवार और मकान की परिभाषा तय
जनगणना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक साथ रहने और एक ही रसोई में भोजन करने वाले लोगों को एक परिवार माना जाएगा। यानी परिवार की पहचान का मुख्य आधार साझा रसोई होगी।
इसी तरह मकान की पहचान के लिए अलग मुख्य प्रवेश द्वार को जरूरी माना गया है। जिन इकाइयों का अलग प्रवेश होगा, उन्हें अलग मकान की श्रेणी में गिना जाएगा।
34 सवालों में मांगी जाएगी जानकारी
ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को कुल 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। इनमें मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं, शौचालय, रसोई और ईंधन की जानकारी शामिल है।
इसके अलावा मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, वाहन और बैंक खाते जैसी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी। परिवार में दिव्यांग सदस्य होने या सरकारी आवास योजना का लाभ मिलने संबंधी सवाल भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं।
कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर
राज्यभर में जनगणना कार्य के लिए लगभग पांच लाख कर्मचारियों को लगाया गया है। इनमें रिजर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। विभाग की ओर से बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है ताकि सभी कर्मचारी डिजिटल प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
अधिकारियों का कहना है कि जिन कर्मचारियों का प्रशिक्षण अभी बाकी है, उन्हें लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं और जल्द प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
तबादला नीति को लेकर भी चर्चा
जनगणना प्रक्रिया के बीच राज्य सरकार की तबादला नीति को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चर्चा है। कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें 22 मई से घर-घर सर्वेक्षण का कार्य संभालना है। ऐसे में यदि इस दौरान उनका स्थानांतरण होता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल इस विषय पर कोई अलग निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना को समय पर पूरा करना प्राथमिकता रहेगी।