उत्तर प्रदेश

Education Scheme – मेधावी छात्राओं को जल्द मिल सकती है मुफ्त स्कूटी की सौगात

Education Scheme – उत्तर प्रदेश सरकार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और पात्र छात्राओं की पहचान के लिए कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों से आवश्यक जानकारी मांगी गई है। संस्थानों को निर्धारित प्रारूप भेजकर योग्य छात्राओं का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। जानकारी मिलने के बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और शुरुआती चरण में लगभग 45 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने की संभावना है।

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रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मिलेगा लाभ

छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की इस पहल का नाम रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना रखा गया है। योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत छात्राएं इसके दायरे में आएंगी। उच्च शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

आय सीमा के आधार पर तय होगी पात्रता

योजना के लिए पात्रता संबंधी कुछ प्रमुख मानक निर्धारित किए गए हैं। जिन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में सहयोग देना है, ताकि आवागमन की समस्या उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।

अंकों के आधार पर होगा प्रथम चरण का चयन

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से उन छात्राओं का डाटा मांगा गया है, जिन्होंने स्नातक प्रथम वर्ष में 80, 85 और 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। शुरुआती चरण में इन्हीं छात्राओं में से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के तहत पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी वितरित की जाएगी।

उच्च शिक्षा में छात्राओं को मिलेगा प्रोत्साहन

प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। नई व्यवस्था के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की छात्राओं को भी योजना का लाभ दिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही वे अधिक आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस करेंगी। कई छात्राओं को परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण नियमित रूप से कॉलेज पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह पहल उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता

योजना को लागू करने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने की तैयारी है। शासन से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आवेदन और चयन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ लाभार्थियों के चयन में सुविधा भी होगी।

कॉलेजों में यूनिफॉर्म व्यवस्था पर भी सरकार की नजर

उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में यूनिफॉर्म व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी। उनके अनुसार, विभाग ने विभिन्न संस्थानों से इस संबंध में आंकड़े जुटाए हैं और उनका अध्ययन किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 75 प्रतिशत महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। फिलहाल इस विषय पर कोई औपचारिक शासनादेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन शेष संस्थानों के लिए भी आगे आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि यूनिफॉर्म व्यवस्था से शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन को बढ़ावा मिलता है।

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