उत्तर प्रदेश

ElectricityBill – यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा जमानत राशि पर ब्याज

ElectricityBill – उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े उपभोक्ताओं को उनकी जमा सुरक्षा राशि पर देय ब्याज का लाभ मिलना शुरू हो गया है। पावर कॉरपोरेशन ने इस राशि को सीधे बिजली बिलों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में राहत मिलेगी।

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नियमों के अनुसार, बिजली कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं से जमा कराई गई सिक्योरिटी राशि पर हर वर्ष निर्धारित बैंक दर के आधार पर ब्याज दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह दर 6.50 प्रतिशत तय की गई है और इसी आधार पर उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है।

जून के बिल में दिखेगा ब्याज का लाभ

विद्युत विभाग के अनुसार, इस वर्ष देय ब्याज राशि का समायोजन जून माह के बिजली बिलों में किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के कुल देय बिल में कमी देखने को मिलेगी। जिन लोगों के खाते में सुरक्षा जमा राशि मौजूद है, उन्हें इस व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा।

यह प्रावधान विद्युत अधिनियम और वितरण संहिता के तहत लागू किया जाता है। इसके अनुसार हर वर्ष निर्धारित तिथि पर प्रभावी बैंक दर के आधार पर उपभोक्ताओं को ब्याज का भुगतान किया जाता है।

करोड़ों उपभोक्ताओं को होगा फायदा

प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस प्रक्रिया से लाभ मिलने की संभावना है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ताओं की कुल जमा सुरक्षा राशि हजारों करोड़ रुपये के स्तर पर है। इसी आधार पर ब्याज की बड़ी राशि उपभोक्ताओं के खातों में समायोजित की जा रही है।

उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं को अपने बिलों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ब्याज की राशि सही तरीके से समायोजित हुई है। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार संभव होगा।

पहले बिल जमा कर चुके उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ

ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने जून का बिजली बिल पहले ही जमा कर दिया है और जिनके बिल में ब्याज राशि का समायोजन नहीं हो पाया है, उन्हें भी राहत मिलेगी। विभागीय जानकारी के अनुसार, ऐसे मामलों में आगामी बिलों में आवश्यक समायोजन किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र उपभोक्ता अपने वैधानिक लाभ से वंचित न रहे। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपने बिलों का विवरण ध्यान से देखने की अपील भी की है।

अधिभार शुल्क को लेकर भी बनी हुई है चर्चा

इसी बीच बिजली बिलों में लगाए गए अतिरिक्त अधिभार शुल्क को लेकर भी चर्चा जारी है। इस विषय पर नियामक आयोग और पावर कॉरपोरेशन के बीच प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने शुल्क निर्धारण से जुड़े विभिन्न आंकड़ों और गणनाओं की जानकारी मांगी है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित मामले में अंतिम निर्णय आने के बाद उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है। यदि नियामक स्तर पर नए निर्देश जारी होते हैं, तो आगामी महीनों के बिजली बिलों में संशोधन देखने को मिल सकता है।

उपभोक्ता परिषद ने उठाई थी मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने हाल ही में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। परिषद का कहना था कि उपभोक्ताओं को उनकी जमा सुरक्षा राशि पर मिलने वाला ब्याज समय पर प्रदान किया जाना चाहिए। इसके बाद इस विषय पर प्रक्रिया तेज हुई और अब बिलों में समायोजन शुरू कर दिया गया है।

उपभोक्ता संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपने बिजली बिलों का मिलान करने और किसी भी विसंगति की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करने की सलाह दी है।

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