Expressway – गंगा एक्सप्रेस-वे से बदलेगी अमरोहा-संभल की रफ्तार
Expressway – पश्चिमी उत्तर प्रदेश को संगम नगरी प्रयागराज से जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे अब अपने अंतिम चरण में है और 29 अप्रैल को इसके औपचारिक उद्घाटन के साथ ही यह मार्ग आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इस हाईस्पीड कॉरिडोर का असर खास तौर पर मुरादाबाद मंडल के अमरोहा और संभल जिलों पर देखने को मिलेगा, जहां यह परियोजना सिर्फ सफर को आसान ही नहीं बनाएगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।

अमरोहा और संभल को जोड़ेगा नया विकास मार्ग
मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह एक्सप्रेस-वे मुरादाबाद मंडल में करीब 61.60 किलोमीटर लंबा हिस्सा तय करेगा। इस दौरान यह अमरोहा और संभल के कई इलाकों को सीधे जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और तेज आवाजाही का माध्यम बनने जा रहा है। इससे पहले इन जिलों को लंबी दूरी तय कर मुख्य मार्गों से जुड़ना पड़ता था, लेकिन अब यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
अमरोहा में 23 किलोमीटर का सफर, 25 गांवों को मिलेगा लाभ
गंगा एक्सप्रेस-वे की एंट्री अमरोहा जिले में हसनपुर तहसील के मंगरौला गांव से होगी। यहां से गुजरते हुए यह करीब 23.60 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और 25 गांवों को सीधे प्रभावित करेगा। इन गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे जमीन की कीमतों में इजाफा और छोटे व्यापारों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
संभल में 38 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार
अमरोहा के बाद यह एक्सप्रेस-वे संभल जिले में प्रवेश करेगा, जहां इसकी शुरुआत ततारपुर संदल गांव से होगी। संभल में यह करीब 38 किलोमीटर लंबा मार्ग तय करते हुए चंदौसी तहसील के नगलिया कठेर तक पहुंचेगा। इस पूरे हिस्से में कई गांवों को कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया लगभग पूरी
इस परियोजना के लिए मुरादाबाद मंडल में 537 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अमरोहा जिले में 2467 किसानों को करीब 236 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं संभल में 450 करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का अनुमान है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर किसानों को भुगतान कर दिया गया है, जिससे परियोजना में तेजी आई है।
स्थानीय लोगों के लिए बनाए गए इंटरचेंज
एक्सप्रेस-वे पर स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए तीन इंटरचेंज बनाए गए हैं। अमरोहा में मंगरौला और संभल में खिरनी टोल व लहरावन पर इंटरचेंज तैयार किए गए हैं। इनकी मदद से आसपास के निवासी बिना लंबी दूरी तय किए सीधे एक्सप्रेस-वे पर चढ़ सकेंगे और उतर सकेंगे, जिससे उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान हो जाएगी।
उद्घाटन की तैयारियां पूरी, सुरक्षा इंतजाम सख्त
यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार मोगा के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और उद्घाटन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं अंतिम रूप ले रही हैं। सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट, टोल प्लाजा, साइन बोर्ड और हरियाली जैसे सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। साथ ही स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय कर दिया गया है, जिससे वाहनों की गति पर नजर रखी जा सकेगी।
बाइक पर रोक, केवल निर्धारित वाहनों को मिलेगी अनुमति
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह मार्ग केवल तेज रफ्तार और लंबी दूरी के वाहनों के लिए तैयार किया गया है, ताकि सफर सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे।
गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी सिर्फ किलोमीटर में ही नहीं, बल्कि समय और अवसरों के लिहाज से भी काफी कम हो जाएगी ।