उत्तर प्रदेश

ForeignPolicy – ईरान से जुड़े हमलों पर केंद्र की चुप्पी पर अखिलेश के सवाल

ForeignPolicy – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिंद महासागर क्षेत्र में ईरानी जहाज पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सैन्य गतिविधियों का भारत की सीमाओं के करीब तक पहुंच जाना रणनीतिक रूप से गंभीर मामला है। उनके अनुसार यह सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय घटना नहीं बल्कि भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ा विषय भी है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने न आना चिंता पैदा करता है।

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विदेश नीति पर उठाए तीखे सवाल

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर सरकार की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति है जिसके कारण सरकार खुलकर अपना पक्ष सामने नहीं रख रही है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि सरकार की यह चुप्पी महज कूटनीतिक रणनीति है या फिर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय दबाव का परिणाम। उनके मुताबिक ऐसे मुद्दों पर स्पष्ट और पारदर्शी रुख सामने आना चाहिए ताकि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।

सरकार से आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग

सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मामला है और ऐसे विषयों पर केंद्र सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को मिलकर इस मुद्दे पर देश के सामने स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।

अखिलेश यादव का कहना था कि कई दिनों से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि जब सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जाती, तब स्वाभाविक रूप से लोगों के बीच विभिन्न तरह की अटकलें लगने लगती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि लोकतंत्र में सवाल पूछना और जवाब मांगना जरूरी होता है।

सीमाओं की सुरक्षा और नीति को लेकर चिंता

अखिलेश यादव ने वर्तमान परिस्थितियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश में शासन व्यवस्था को लेकर भी कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस होता है मानो कई अहम मुद्दों पर सरकार की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कई बार गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में मोड़ दिया जाता है। उनके मुताबिक संसद सत्र के दौरान भी कई बार ऐसे विवादास्पद विषय सामने आ जाते हैं जिनकी वजह से मूल मुद्दों पर चर्चा कम हो पाती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार को देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने जल, थल और वायु तीनों मोर्चों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।

अंतरराष्ट्रीय हमलों और मानवाधिकार पर प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव ने हाल में सामने आई उन घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की जिनमें ईरान से जुड़े क्षेत्रों में हमलों की खबरें आई हैं। उन्होंने विशेष रूप से मीनाब इलाके में एक स्कूल पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उनके अनुसार ऐसी घटनाओं में बड़ी संख्या में मासूम छात्राओं की मौत होना बेहद दुखद और चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन जैसे समझौते युद्ध और संघर्ष के समय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। ऐसे में स्कूलों या आम नागरिकों को निशाना बनाना गंभीर मानवीय चिंता का विषय है।

अखिलेश यादव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शांति और मानवाधिकारों की रक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भारत की स्पष्ट और संतुलित भूमिका सामने आनी चाहिए ताकि देश की विदेश नीति और सुरक्षा दृष्टिकोण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

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