उत्तर प्रदेश

LandPatta – संभल में गंगा किनारे रद्द हुए 876 बीघा भूमि के 142 पट्टे

LandPatta- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गंगा नदी से जुड़ी सार्वजनिक भूमि पर किए गए कथित नियमविरुद्ध पट्टा आवंटनों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने गुन्नौर तहसील के दो गांवों में कुल 876 बीघा सरकारी भूमि से संबंधित 142 पट्टों को निरस्त कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में पाया गया कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित दर्ज थी, इसके बावजूद इसका आवंटन कर दिया गया था।

sambhal illegal land patta cancelled

जांच में सामने आईं राजस्व नियमों की अनियमितताएं

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित श्रेणी की भूमि का आवंटन विधिसम्मत नहीं था। जांच के बाद वर्ष 2019 में ग्राम सुखैला में लगभग 845 बीघा भूमि से जुड़े 138 पट्टे निरस्त कर दिए गए। इसके साथ ही संबंधित जमीन को फिर से उसकी मूल राजस्व श्रेणी में दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सूरपुर गांव में भी चार पट्टे किए गए निरस्त

प्रशासन ने गुन्नौर तहसील के सूरपुर गांव में वर्ष 1991 में हुए भूमि आवंटन की भी समीक्षा की। जांच के बाद करीब 31 बीघा गंगा क्षेत्र की भूमि से जुड़े चार पट्टों को रद्द करने का आदेश जारी किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह ने निर्देश दिया है कि संबंधित भूमि को राजस्व अभिलेखों में पुनः नदी और जलमग्न श्रेणी के रूप में दर्ज किया जाए, ताकि उसका मूल स्वरूप बरकरार रहे।

कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

इस पूरे मामले में प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गुन्नौर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिन लोगों की जिम्मेदारी सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अन्य गांवों के पट्टों की भी होगी समीक्षा

जिला प्रशासन ने कार्रवाई को केवल दो गांवों तक सीमित नहीं रखा है। कमिश्नर के निर्देश पर गुन्नौर तहसील के अन्य गांवों में भी पट्टा आवंटनों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में गांववार सूची तैयार की जा रही है और प्रत्येक आवंटन की वैधता की जांच की जाएगी। यदि किसी भी मामले में नियमों का उल्लंघन, फर्जी दस्तावेज या अपात्र व्यक्ति के नाम आवंटन पाया गया, तो उसे भी निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गंगा किनारे के क्षेत्रों पर प्रशासन की विशेष नजर

अधिकारियों के अनुसार, गंगा तट से जुड़े कई गांवों में सरकारी भूमि के रिकॉर्ड की विशेष रूप से जांच की जा रही है। ईसमपुर, गंगावास, सिसौना डांडा, दीपपुर सहित कई गांवों के राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.