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LPGPrice – एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर, वैश्विक हालात पर बनी नजर

LPGPrice- अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भी घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन इसका असर अभी तक एलपीजी की खुदरा दरों पर नहीं पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर की दरें यथावत

तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया है। इससे पहले 7 जून को घरेलू सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की गई थी। मौजूदा समय में दोनों श्रेणियों के सिलेंडर अपनी पिछली घोषित दरों पर उपलब्ध हैं।

प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी की कीमतें

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा कीमतें इस प्रकार हैं। नई दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, चेन्नई में 957.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये प्रति सिलेंडर है। इसके अलावा लखनऊ में 979.50 रुपये, पटना में 1031.50 रुपये, जयपुर में 945.50 रुपये, हैदराबाद में 994 रुपये, बेंगलुरु में 944.50 रुपये, नोएडा में 939.50 रुपये, गुरुग्राम में 950.50 रुपये, चंडीगढ़ में 951.50 रुपये, भुवनेश्वर में 968 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 951 रुपये प्रति सिलेंडर की दर लागू है।

कॉमर्शियल सिलेंडर की मौजूदा दरें

19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत नई दिल्ली और नोएडा में 2930 रुपये है। मुंबई में इसकी कीमत 2885.50 रुपये, कोलकाता में 3081.50 रुपये और चेन्नई में 3106 रुपये है। वहीं, गुरुग्राम में 2947.50 रुपये, जयपुर में 2957.50 रुपये, लखनऊ में 3052 रुपये, पटना में 3227 रुपये, हैदराबाद में 3191 रुपये, बेंगलुरु में 3021 रुपये, भुवनेश्वर में 3114.50 रुपये, चंडीगढ़ में 2954.50 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 2971.50 रुपये प्रति सिलेंडर निर्धारित है।

बुकिंग नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं

एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल किसी नए नियम की घोषणा नहीं की गई है। पिछले समय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के दौरान सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बुकिंग अंतराल तय किया था। साथ ही ओटीपी आधारित डिलीवरी प्रणाली और केवाईसी प्रक्रिया को भी लागू किया गया था, जिससे पारदर्शिता बढ़ाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिली।

वैश्विक परिस्थितियों पर बनी हुई है नजर

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यदि एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है तो आयात पर निर्भर देशों की लागत बढ़ सकती है। भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलाव भविष्य की कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि मौजूदा दरों में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है।

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