LPGPrices – लखनऊ केजीएमयू कैंटीन में खाने के दामों में हुई बढ़ोतरी
LPGPrices – राजधानी लखनऊ में बढ़ती महंगाई का असर अब अस्पतालों की कैंटीन तक पहुंच गया है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कैंटीनों में खाने-पीने की चीजों के दामों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर मरीजों, उनके तीमारदारों और मेडिकल छात्रों पर पड़ रहा है, जिन्हें अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

गैस की कीमतों ने बढ़ाया दबाव
कैंटीन संचालकों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है और सप्लाई भी नियमित नहीं है। ऐसे में उनके लिए पुराने दामों पर भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया था। इसी कारण उन्हें मजबूरी में खाने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पड़े। उनका कहना है कि अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे संचालन लागत लगातार बढ़ रही है।
खाने की कीमतों में स्पष्ट बढ़ोतरी
केजीएमयू परिसर की अलग-अलग कैंटीनों में अब खाने की कीमतों में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासनिक भवन के पास स्थित कैंटीन में छोले-चावल की प्लेट, जो पहले 40 रुपये में मिलती थी, अब 50 रुपये में उपलब्ध है। वहीं नेत्र रोग विभाग के पास स्थित कैंटीन में इसकी कीमत 60 रुपये कर दी गई है। यदि कोई ग्राहक पैक कराकर लेता है तो उसे 70 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
चाय-नाश्ते पर भी असर
यह बढ़ोतरी सिर्फ मुख्य भोजन तक सीमित नहीं है। इससे पहले चाय की कीमत में दो रुपये और समोसे के दाम में तीन रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। अब आलू सैंडविच, बटर मैगी, पनीर पराठा और अन्य फास्ट फूड आइटम भी महंगे हो गए हैं। इससे रोजाना कैंटीन पर निर्भर रहने वाले छात्रों और तीमारदारों के खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
छोटे कारोबारियों पर भी असर
कमर्शियल गैस की कमी का असर शहर के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। मोहनलालगंज क्षेत्र में कई फास्ट फूड की दुकानों को गैस न मिलने के कारण बंद करना पड़ा है। कुछ दुकानदारों ने लकड़ी और कोयले के सहारे काम शुरू किया, लेकिन इससे लागत और बढ़ गई, जिसका असर ग्राहकों पर पड़ा। शाम के समय लगने वाली कई दुकानों पर अब पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही है।
गैस सप्लाई की स्थिति
गैस एजेंसियों की स्थिति भी फिलहाल पूरी तरह सामान्य नहीं है। इंडेन गैस एजेंसी ने सीमित संख्या में कमर्शियल सिलेंडर देना शुरू किया है, जिससे कुछ हद तक राहत मिली है। हालांकि, एचपी गैस एजेंसी में अब भी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है, जिससे कई कारोबारियों की परेशानी बनी हुई है।
आम लोगों पर बढ़ता बोझ
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में आने वाले कई मरीज और उनके परिजन पहले से ही आर्थिक दबाव में होते हैं, ऐसे में खाने की कीमतों में बढ़ोतरी उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है। मेडिकल छात्र भी इस बढ़ती महंगाई से प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनका दैनिक खर्च बढ़ गया है।



