Monsoon – वेस्ट यूपी में 19 जुलाई से फिर तेज बारिश के आसार
Monsoon- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई से 22 जुलाई के बीच मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल बनी रही तो लगातार चार दिनों तक वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

आठ दिन बाद सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 10 जुलाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की और छिटपुट बारिश दर्ज की गई थी। इसके कारण तापमान और नमी दोनों बढ़ते रहे, जिससे दिन और रात के समय उमस काफी अधिक महसूस की गई। अब नए मौसमीय संकेतों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून दोबारा सक्रिय होगा और क्षेत्र में व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।
चार दिन तक रह सकता है बारिश का दौर
पूर्वानुमान के अनुसार 19 से 22 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो जुलाई महीने में यह मानसून का दूसरा प्रमुख बारिश वाला चरण होगा। लगातार होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट आने और मौसम के अधिक सुहावना होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज
गुरुवार को मेरठ में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले की तुलना में अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को लगातार गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बारिश नहीं होने और वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण वेस्ट यूपी के कई इलाकों में उमस का असर लगातार महसूस किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और रात में बढ़ी हुई नमी के चलते लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी बारिश होने पर इस स्थिति में सुधार आने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता रही मध्यम श्रेणी में
गुरुवार को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 173 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश होने पर वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण कम हो सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग की नजर बनी हुई
मौसम विभाग लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर ताजा पूर्वानुमान जारी कर रहा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।