Museum – कुशीनगर बौद्ध संग्रहालय में इंटर्नशिप पूरी करने वाले विद्यार्थियों को मिला सम्मान
Museum – कुशीनगर स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय में इंटर्नशिप पूरी करने वाले काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। आयोजित कार्यक्रम में संग्रहालय प्रशासन ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संग्रहालय से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और मार्गदर्शक भी मौजूद रहे।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. लोकरत्न शुक्ला ने कहा कि संग्रहालयों में मिलने वाला व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शोध और अध्ययन के प्रति भी रुचि विकसित करते हैं।
संग्रहालय प्रबंधन का मिला अनुभव
इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों ने संग्रहालय की कार्यप्रणाली, पुरावशेषों के संरक्षण, अभिलेखों के रखरखाव और इतिहास से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें संग्रहालय प्रबंधन की प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला, जिससे उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
इन विद्यार्थियों को मिला प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर मनोज कुमार मद्धेशिया, खुशी तिवारी और देव विश्वकर्मा को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में विरासत संरक्षण एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
मेंटर और अतिथियों ने दी शुभकामनाएं
समारोह में विद्यार्थियों के मेंटर तेज प्रताप शुक्ला ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को निरंतर सीखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में दिनेश तिवारी भोजपुरिया सहित संग्रहालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया तथा विद्यार्थियों को उनके आगामी शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।