उत्तर प्रदेश

Retail – कसया में व्यापारिक चुनौतियों पर माकपा का सेमिनार, सरकार से नीति समीक्षा की मांग

Retail – कुशीनगर जिले के कसया ब्लॉक सभागार में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला इकाई की ओर से एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बदलते व्यापारिक माहौल, मल्टीनेशनल कंपनियों के विस्तार और Online Marketing के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन बदलावों का असर छोटे व्यापारियों और पारंपरिक बाजारों पर पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इस दिशा में संतुलित नीतियों पर विचार करना चाहिए।

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छोटे कारोबार पर प्रभाव को लेकर चिंता

सेमिनार को संबोधित करते हुए माकपा के जिलामंत्री अयोध्यालाल श्रीवास्तव ने कहा कि देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लाखों छोटे एवं मध्यम व्यापारी स्थानीय बाजारों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। उनके अनुसार बड़े मॉल, शोरूम और संगठित खुदरा कारोबार के विस्तार से पारंपरिक दुकानों के सामने नई प्रतिस्पर्धा खड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि यह रुझान लगातार बढ़ता रहा तो स्थानीय व्यापार और उससे जुड़े परिवारों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

ऑनलाइन कारोबार पर उठाए सवाल

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में Online Marketing के माध्यम से दवाइयों, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और अन्य सामान की घर-घर आपूर्ति तेजी से बढ़ी है। उनका मानना था कि इससे उपभोक्ताओं को सुविधा तो मिल रही है, लेकिन पारंपरिक बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने की आशंका भी बढ़ी है। उन्होंने सरकार से ऐसी नीतियां बनाने की मांग की, जिनसे आधुनिक व्यापार और छोटे कारोबारियों के हितों के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।

सरकारी नीतियों पर रखी राय

माकपा नेता एवं अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने खुदरा क्षेत्र में Foreign Direct Investment (FDI) से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतियों के प्रभाव का छोटे और मझोले व्यापारियों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे स्थानीय व्यापारियों के हितों की भी पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था पर भी हुई चर्चा

सेमिनार में भूमि की Online Registry व्यवस्था का विषय भी उठाया गया। वक्ताओं ने इस प्रक्रिया से जुड़े कुछ व्यावहारिक पहलुओं पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय आम नागरिकों की सुविधा और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

विभिन्न कार्यकर्ताओं ने रखे विचार

कार्यक्रम में गेंदा सिंह, बीपी गुप्ता, जवाहर शर्मा, मनोज पांडेय, राम बहाल सिंह, राम नरेश यादव, कैलाश गिरि, रामेश्वर सिंह, आसिफ, शंकर प्रसाद, होसिल, रशीद सहित अनेक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने व्यापारिक परिवर्तनों के बीच छोटे कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए संवाद और नीति स्तर पर विचार-विमर्श की आवश्यकता पर बल दिया।

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