SchoolDropout – सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने के लिए लागू होगा नया डिजिटल सिस्टम
SchoolDropout – उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी कर रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में एक डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके जरिए छात्रों की उपस्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान करना है, जो किसी कारणवश स्कूल आना बंद कर देते हैं, ताकि उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ा जा सके।
![]()
ऑनलाइन सिस्टम से होगी हर छात्र की निगरानी
नई व्यवस्था के तहत हर छात्र का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। प्रतापगढ़ जिले में सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को यू-डायस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जहां उनके नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति का पूरा विवरण सुरक्षित रहेगा। इससे शिक्षा विभाग को एक ही जगह पर सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी और निगरानी आसान होगी।
अनुपस्थिति पर तुरंत जारी होगा अलर्ट
इस डिजिटल सिस्टम की खास बात यह है कि यदि कोई छात्र लगातार स्कूल नहीं आता है, तो पोर्टल अपने आप अलर्ट जारी करेगा। यह सूचना सीधे खंड शिक्षा अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक तक पहुंचेगी। इसके बाद संबंधित स्तर पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जिससे छात्र को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सके।
शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय
नई व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को भी स्पष्ट किया गया है। यदि कोई छात्र अनुपस्थित रहता है, तो शिक्षक को इसका कारण दर्ज करना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें छात्र के घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना भी अनिवार्य होगा। इसके जरिए अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा और उन्हें नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ड्रॉपआउट की समस्या पर नियंत्रण की उम्मीद
शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक परेशानी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और जागरूकता की कमी के कारण कई बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे मामलों की पहचान पहले नहीं हो पाती थी, लेकिन अब यह डिजिटल व्यवस्था शुरुआती स्तर पर ही संकेत दे देगी। इससे समय रहते हस्तक्षेप कर बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जा सकेगा और ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है।
नए सत्र के साथ अभियान की भी तैयारी
वार्षिक परीक्षाओं के समाप्त होने के बाद शिक्षा विभाग नए सत्र की तैयारियों में जुट गया है। एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की पहचान करेंगे और उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए प्रेरित करेंगे।
डोर-टू-डोर सर्वे से बढ़ेगा नामांकन
अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। वे अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और ऐसे बच्चों को चिन्हित करेंगे, जो अभी तक स्कूल नहीं जा रहे हैं। इसके अलावा एक विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। इस पहल से नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।