SkillDevelopment – लापरवाह प्रशिक्षण कंपनियों पर यूपी सरकार की सख्ती, 500 संस्थाएं तीन साल के लिए प्रतिबंधित
SkillDevelopment – उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए लगभग 500 प्रशिक्षण प्रदाता कंपनियों को तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। जांच में सामने आया कि इन संस्थाओं ने तय गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रशिक्षण भी नहीं दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए इन्हें मिशन के अंतर्गत संचालित होने वाले सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बाहर कर दिया।

जांच में सामने आई कई अनियमितताएं
कौशल विकास मिशन के अनुसार विभिन्न जिलों में विशेष टीमों को भेजकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा कराई गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई कंपनियों ने प्रशिक्षण का लक्ष्य तो लिया, लेकिन निर्धारित संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण देने में सफल नहीं रहीं। गुणवत्ता और प्रदर्शन दोनों स्तरों पर कमियां मिलने के बाद संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कौशल विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को मिली जिम्मेदारी
प्रतिबंधित कंपनियों की जगह अब उन प्रशिक्षण संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जिनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा है और जो निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण देने में सक्षम हैं। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा हो सकेगा। मिशन की ओर से सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
प्रोजेक्ट प्रवीण के विस्तार की तैयारी
इसी बीच राज्य सरकार कौशल आधारित शिक्षा को और व्यापक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संचालित प्रोजेक्ट प्रवीण को अब निजी माध्यमिक विद्यालयों तक विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अधिक संख्या में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और वे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को मिल रहा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्र नियमित पढ़ाई के साथ विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रहे हैं। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ प्रशिक्षक विद्यालय परिसर में ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हैं। वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फैशन डिजाइनिंग, हेल्थ केयर, फूड प्रोसेसिंग और सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
आत्मनिर्भरता और कौशल विकास पर विशेष जोर
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी कौशल आधारित शिक्षा से जुड़ें और रोजगार या स्वरोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हों। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में व्यावसायिक दक्षता, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।