TempleJewellery – रामलला के आभूषणों की जांच में जुटी एसआईटी, रिकॉर्ड खंगाले…
TempleJewellery – अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब अपना ध्यान रामलला के आभूषणों के रखरखाव और उनके रिकॉर्ड पर केंद्रित कर दिया है। जांच के दौरान मंदिर में सुरक्षित रखे गए आभूषणों का विवरण, उनसे जुड़े दस्तावेज और उनकी तस्वीरों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों ने इस प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार कर्मियों से भी विस्तृत जानकारी ली है।

आभूषणों के रिकॉर्ड और तस्वीरों की हुई पड़ताल
सूत्रों के अनुसार, रामलला को अर्पित किए गए सभी आभूषणों का विस्तृत विवरण एक रजिस्टर में दर्ज है। इसमें प्रत्येक आभूषण की तस्वीरें और अन्य आवश्यक जानकारियां भी संकलित की गई हैं। विशेष अवसरों और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले आभूषणों के आवंटन और वापसी की प्रक्रिया भी रिकॉर्ड की जाती है। एसआईटी ने इसी व्यवस्था की जांच करते हुए दस्तावेजों और उपलब्ध आभूषणों का मिलान शुरू किया है।
कुछ बिंदुओं पर मांगी गई अतिरिक्त जानकारी
जांच के दौरान कुछ आभूषणों की मूल तस्वीरों और वर्तमान स्थिति में मौजूद वस्तुओं के बीच अंतर दिखाई देने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने इन विसंगतियों के कारणों को समझने के लिए संबंधित प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह अंतर सामान्य प्रशासनिक कारणों से उत्पन्न हुआ है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
धातु संग्रहण और भंडारण प्रक्रिया भी जांच के दायरे में
आभूषणों के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी जाने वाली सोना-चांदी जैसी धातुओं के संग्रहण, सुरक्षित भंडारण और उनके आगे के उपयोग की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। एसआईटी ने बैंक लॉकरों में जमा सामग्री, उसके रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की है। धातुओं को परीक्षण और प्रसंस्करण के लिए भेजने की पूरी प्रक्रिया का भी परीक्षण किया जा रहा है ताकि सभी चरणों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
रसीद और तौल व्यवस्था की भी हो रही समीक्षा
जांच टीम ने दानदाताओं को जारी की जाने वाली रसीदों और धातुओं की तौल संबंधी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की गई वस्तुओं का सही रिकॉर्ड रखा गया हो और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हुई हों। इस दौरान पुराने दस्तावेजों और रजिस्टरों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
कई वर्षों के रिकॉर्ड की हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच केवल हालिया अवधि तक सीमित नहीं है। वर्ष 2020-21 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। रजिस्टर में दर्ज प्रत्येक आभूषण, बैंक लॉकर में सुरक्षित धातुओं और उनसे संबंधित लेन-देन के दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि प्रसंस्करण के बाद प्राप्त सोना और चांदी का विवरण रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे निष्कर्ष
फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या हेराफेरी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।