Tourism – बरेली के पहलऊनाथ शिव मंदिर को मिलेगा नया पहचान और विकास
Tourism – बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन पहलऊनाथ शिव मंदिर को अब राज्य सरकार की पर्यटन योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस ऐतिहासिक स्थल के विकास के लिए 1.03 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। माना जाता है कि इस मंदिर का संबंध द्वापर युग से है और इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई थी। यहां स्थित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।

स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र बना मंदिर
पहलऊनाथ शिव मंदिर लंबे समय से आसपास के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। खासकर सावन के महीने और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पांडव जब इस क्षेत्र से गुजरे थे, तब उन्हें यहां स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन हुए थे। इसके बाद उन्होंने यहां मंदिर की स्थापना की। यह कथा आज भी लोगों के बीच प्रचलित है और श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत करती है।
तपस्या और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा इतिहास
यह मंदिर केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी तपस्या और आध्यात्मिक विरासत के कारण भी खास पहचान रखता है। यहां लंबे समय तक श्री श्री 1008 बाबा प्रह्लाद नाथ ने साधना की थी। बताया जाता है कि उन्होंने इसी मंदिर परिसर में जीवित समाधि ली थी। आज भी उनकी समाधि श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस स्थान की शांति और आध्यात्मिक वातावरण लोगों को आकर्षित करता है, हालांकि अब तक यह स्थान व्यापक स्तर पर पर्यटन मानचित्र में शामिल नहीं हो पाया था।
पर्यटकों को आकर्षित करने की नई योजना
अब इस स्थिति को बदलने के लिए पर्यटन विभाग सक्रिय हो गया है। मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए न केवल बुनियादी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, बल्कि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस मंदिर की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों को आकर्षित करना है, ताकि यह स्थल अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप पहचान बना सके।
विकास कार्यों के लिए स्वीकृत हुआ बजट
मंदिर परिसर के विकास के लिए बहुउद्देशीय हॉल, संत विश्राम गृह, पाथवे और उद्यान जैसी सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था। सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए 103.05 लाख रुपये का बजट जारी किया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इन सुविधाओं के विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।



