TrafficChallan – हेलमेट चालान के बाद पुलिस थाने की बिजली कटने से मचा हड़कंप
TrafficChallan– उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जहां हेलमेट नहीं पहनने पर किए गए ट्रैफिक चालान के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि नगराम थाना और उससे जुड़े दो पुलिस चौकियों की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बंद कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए। बाद में हस्तक्षेप के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कराई गई और पूरे मामले को शांत कराया गया।

हेलमेट जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, लेसा के समेसी उपकेंद्र पर कार्यरत संविदा कर्मचारी अमरेंद्र, दीपक और शत्रोघन लाल सोमवार शाम हाईटेंशन लाइन की नियमित पेट्रोलिंग के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। नगराम-निगोहा मार्ग पर इंदिरा नहर पुल के पास वाहन जांच अभियान चल रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक अनुज भाटी ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक कर्मचारी का करीब छह हजार रुपये का चालान कर दिया। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।
बकाया बिल का हवाला देकर रोकी गई बिजली
चालान के बाद संबंधित कर्मचारियों ने विभागीय रिकॉर्ड की जांच की और उन सरकारी परिसरों की सूची देखी, जिन पर बिजली बिल का भुगतान लंबित था। विभागीय अभिलेखों के अनुसार नगराम थाने पर लगभग 3.5 लाख रुपये, जबकि हरदोइया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ पर करीब 1.5-1.5 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया बताया गया। इसी आधार पर शाम करीब 6:18 बजे इन तीनों स्थानों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई, जिससे पुलिस इकाइयों में कामकाज प्रभावित होने लगा।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बदले हालात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए। नगराम थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद चालान करने वाले उपनिरीक्षक को मामले में फटकार लगाई गई और संबंधित चालान वापस लेने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बिजली विभाग से भी तत्काल संपर्क किया ताकि आवश्यक सेवाओं पर अधिक देर तक असर न पड़े।
कई घंटे बाधित रही बिजली व्यवस्था
बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण थाना और दोनों पुलिस चौकियों में देर रात तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। बताया गया कि संबंधित संविदा कर्मचारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद समेसी उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार ने दूसरे कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद देर रात बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कराई गई, जिससे पुलिस इकाइयों में सामान्य व्यवस्था बहाल हो सकी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
राजधानी लखनऊ में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। वर्ष 2019 में मलिहाबाद क्षेत्र में भी हेलमेट और वाहन दस्तावेजों की जांच के दौरान चालान कटने के बाद एक लाइनमैन ने बकाया बिजली बिल का हवाला देते हुए थाने की बिजली आपूर्ति रोक दी थी। उस समय भी वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कई घंटे बाद बिजली बहाल की गई थी।
इसी प्रकार वर्ष 2020 में गोमती नगर और आशियाना क्षेत्र में भी ट्रैफिक चालान के बाद पुलिस चौकी पर लंबित बिजली बिल का मामला सामने आया था। विभागीय कार्रवाई के तहत बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा गया था, जिसे बाद में दोनों विभागों के बीच समन्वय बनने पर फिर से जोड़ दिया गया। इन घटनाओं ने सरकारी विभागों के बीच बकाया भुगतान और आपसी समन्वय की आवश्यकता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।