उत्तर प्रदेश

TrainSafety – ट्रेनों के इंजनों में शुरू होगा ब्लैक बॉक्स जैसी तकनीक का परीक्षण

TrainSafety- भारतीय रेलवे रेल सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में नई तकनीक अपनाने जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने विमानों के ब्लैक बॉक्स जैसी निगरानी प्रणाली का परीक्षण शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। पहले चरण में बुधवार से एक लोकोमोटिव में इस तकनीक का ट्रायल किया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से 26 ट्रेनों के इंजनों में लगाया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य दुर्घटनाओं या असामान्य घटनाओं की जांच को अधिक सटीक और प्रभावी बनाना है।

train black box trial

कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर से होगी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक लोकोमोटिव में कुल छह हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें दो कैमरे इंजन के आगे और पीछे की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, जबकि चार कैमरे चालक केबिन के भीतर की रिकॉर्डिंग करेंगे। इसके साथ वॉयस रिकॉर्डर भी लगाया गया है, जो लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के बीच होने वाली बातचीत को सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसी भी घटना के बाद जांच एजेंसियों को वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।

दुर्घटना जांच होगी अधिक सटीक

रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार विकसित की गई यह प्रणाली विमान में उपयोग होने वाले ब्लैक बॉक्स की कार्यप्रणाली से प्रेरित है। किसी हादसे या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर से प्राप्त जानकारी के आधार पर घटनाक्रम का विश्लेषण किया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगी।

स्वदेशी तकनीक को दी गई प्राथमिकता

रेलवे सूत्रों के अनुसार, नई प्रणाली में विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम करते हुए अधिक सुरक्षित स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार प्रारंभिक चरण में 26 इंजनों में इस तकनीक का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के परिणामों के आधार पर भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।

सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय

हाल के महीनों में रेलवे सुरक्षा से जुड़े कुछ मामलों की समीक्षा के बाद निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, नई तकनीक में ऐसे कैमरे और रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाए गए हैं जिनकी पहुंच केवल रेलवे के अधिकृत नेटवर्क तक सीमित रहेगी। इसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा को बेहतर बनाना और संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

वाइब्रेशन मॉनीटरिंग सिस्टम पर भी चल रहा परीक्षण

रेलवे सुरक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए कानपुर स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड में वाइब्रेशन मॉनीटरिंग सिस्टम का भी परीक्षण किया जा रहा है। यह प्रणाली इंजन के पहियों या बियरिंग में संभावित खराबी का समय रहते पता लगाकर लोको पायलट को अलर्ट करेगी। यदि परीक्षण सफल रहता है तो भविष्य में इसे विभिन्न श्रेणी के लोकोमोटिव में चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा, जिससे तकनीकी खराबियों के कारण होने वाली घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.