Verdict – प्लॉट विवाद में दोहरे हत्याकांड के नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा
Verdict – उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर की एक अदालत ने वर्ष 2021 में प्लॉट और रास्ते के विवाद के दौरान हुए दोहरे हत्याकांड में नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में पांच सगे भाई भी शामिल हैं। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 86 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसके बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया गया।

पंचायत के दौरान हुई थी गोलीबारी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बादलपुर थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में 8 फरवरी 2021 को जमीन और रास्ते के विवाद को सुलझाने के लिए एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में पंचायत बुलाई गई थी। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंचे, जहां विवाद बढ़ने के बाद गोलीबारी हो गई। इस घटना में चचेरे भाई सलेक उर्फ सुरेश और अमित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चाचा प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने देवेंद्र, रविंदर, सतेंद्र, धर्मेंद्र, जितेंद्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल को दोषी करार दिया। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए इसे न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
मुख्य गवाह की भी हुई थी हत्या
मामले के प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी प्रेम सिंह की घटना के करीब दस महीने बाद हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप था कि उन्हें कुछ समय तक सुरक्षा मिली, लेकिन बाद में सुरक्षा हटा ली गई। दिसंबर 2021 में खेत से लौटते समय अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना में भी कुछ आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था और उसकी जांच की गई।
परिवार को छोड़ना पड़ा था गांव
मुख्य गवाह की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। परिवार के सदस्यों का कहना था कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें गांव छोड़कर अन्य स्थान पर जाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया था कि समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। इन दावों के आधार पर पुलिस ने सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई से जुड़े आवश्यक कदम उठाए थे।
गिरफ्तारी के बाद दाखिल हुई थी चार्जशीट
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में विशेष अभियान चलाया था। मुख्य आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया गया था। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा और जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हथियार, कारतूस और घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए थे। अब अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।