Weather Update – पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कई राज्यों में जारी हुई बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
Weather Update – देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज आने वाले दिनों में तेजी से बदल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं कुछ क्षेत्रों में मॉनसून की रफ्तार धीमी रहने से गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने 18 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे यात्रा और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी असर
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। कई क्षेत्रों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव से कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
अल नीनो को लेकर कृषि क्षेत्र में सतर्कता
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि अल नीनो की स्थिति के कारण देश के कई राज्यों में मॉनसून की सामान्य प्रगति प्रभावित हो सकती है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है।
इन राज्यों के 326 जिलों के लिए वैकल्पिक कृषि रणनीतियां तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है तो किसानों को समय पर सहायता और मार्गदर्शन मिल सके।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए 18 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। गोहर में 44.6 मिलीमीटर, जोत में 41 मिलीमीटर और कुफरी में 39.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग का अनुमान है कि 22 जून तक राज्य में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
महाराष्ट्र में वर्षा की कमी चिंता का विषय
महाराष्ट्र में जून के पहले पखवाड़े के दौरान सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 से 15 जून के बीच राज्य में सामान्य 103.8 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 27.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो औसत का लगभग एक चौथाई है।
राज्य सरकार ने किसानों को फिलहाल बड़े पैमाने पर बुवाई शुरू करने से पहले मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जून के बाद विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज
राजस्थान के कई जिलों में हाल के दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना हुआ है। चूरू में 29 मिलीमीटर और सीकर में 25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि झुंझुनूं जिले के पिलानी में 50.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भी बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
मछुआरों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी, अरब सागर, अंडमान सागर और मन्नार की खाड़ी में समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल रहने की चेतावनी जारी की है। 16 से 21 जून के बीच मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
किसानों को भी संभावित ओलावृष्टि, तेज हवाओं और जलभराव से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण बंगाल में मॉनसून की रफ्तार धीमी
दक्षिण बंगाल में मॉनसून पहुंचने के बावजूद इसकी सक्रियता अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में उमस और गर्मी का असर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मॉनसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्थिति में बदलाव होने पर नए पूर्वानुमान जारी किए जाएंगे।