ChardhamYatra – सुरक्षा इंतजामों के साथ 48 ठहराव केंद्र तैयार
ChardhamYatra – चारधाम यात्रा 2026 को लेकर इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाने का दावा किया है। यात्रा मार्ग पर संभावित आपदा, भूस्खलन या खराब मौसम जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए 48 अस्थायी ठहराव केंद्र बनाए गए हैं। इन पड़ावों पर एक साथ करीब 1.18 लाख श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहराने की क्षमता विकसित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान में बड़े बदलाव
राज्य पुलिस प्रमुख दीपम सेठ के अनुसार, इस बार की व्यवस्था पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यात्रा मार्ग के 80 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां पहले से ही राहत और बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं। इन टीमों में प्रशिक्षित कर्मियों के साथ जरूरी उपकरण जैसे जेसीबी और जनरेटर भी उपलब्ध रहेंगे, जिससे आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।
सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
यात्रा के दौरान भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए बॉटलनेक और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। इसके साथ ही एसडीआरएफ की 37 अलग-अलग पोस्ट बनाई गई हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसरों तक 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी देहरादून स्थित हाईटेक कंट्रोल रूम से 24 घंटे की जाएगी।
धाम परिसर में फोटो और वीडियो पर रोक
धामों में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने एक अहम निर्णय लिया है। अब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह कदम व्यवस्था बनाए रखने और दर्शन प्रक्रिया को सुचारु रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जिलावार ठहराव केंद्रों की क्षमता तय
यात्रा मार्ग पर बनाए गए 48 ठहराव केंद्रों को विभिन्न जिलों में विभाजित किया गया है। उत्तरकाशी में 18 केंद्रों पर 23,450 यात्रियों के रुकने की व्यवस्था है, जबकि रुद्रप्रयाग में 15 केंद्रों के साथ सबसे अधिक 70,770 लोगों को ठहराया जा सकेगा। चमोली और पौड़ी में 12-12 हजार श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की गई हैं। हरिद्वार में 5,000, देहरादून में 1,700 और टिहरी में 200 यात्रियों के लिए ठहराव की क्षमता तय की गई है।
ऋषिकेश ट्रांजिट सेंटर में मुफ्त सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश ट्रांजिट केंद्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां पंजीकरण कराने आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त चाय-नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही 24 घंटे संचालित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और मेडिकल सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी, जिससे यात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश
प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन काउंटर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा निजी एजेंसी की टीमों को आश्रम, धर्मशालाओं और सरायों में ठहरे यात्रियों तक पहुंचकर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। दिन में 25 और रात में 5 टीमें इस काम में लगाई जाएंगी।
खराब सड़कों की मरम्मत के लिए सख्त निर्देश
यात्रा मार्ग की सड़कों की स्थिति को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। हरिद्वार बाईपास पर खराब सड़क को लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित विभाग को 19 अप्रैल तक मरम्मत कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्ग दुरुस्त किए जाएं।



