Donation – बद्रीनाथ धाम चढ़ावा गिनती मामले में जांच तेज, CCTV में कई बार दिखी संदिग्ध गतिविधि
Donation – उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित नकदी चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस प्रकरण की जांच कर रही चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल कई अलग-अलग अवसरों पर दान की गिनती के दौरान संदिग्ध गतिविधियां करते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है। पुलिस अब उपलब्ध सभी डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है।

कई दिनों की फुटेज की हुई जांच
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को हुई चढ़ावे की गिनती से संबंधित सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया है। पुलिस का दावा है कि इन सभी फुटेज में आरोपी कथित तौर पर नकदी अलग करते हुए दिखाई देता है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं
पुलिस ने बताया कि इस यात्रा सीजन में मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब तक 34 बार दान की गिनती की जा चुकी है। हालांकि सीसीटीवी स्टोरेज की सीमित क्षमता के कारण शुरुआती दिनों की रिकॉर्डिंग स्वतः हट चुकी है। ऐसे में जांच एजेंसियां केवल उपलब्ध फुटेज के आधार पर ही घटनाक्रम का विश्लेषण कर पा रही हैं। पुराने रिकॉर्ड न होने से पहले की गतिविधियों की पुष्टि फिलहाल संभव नहीं है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
प्रमोद नौटियाल को हाल ही में देहरादून स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया था। अदालत में पेशी के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत से तत्काल अनुमति नहीं मिल सकी। अब जांच एजेंसी दोबारा रिमांड के लिए उच्च अदालत का रुख करने की तैयारी कर रही है।
पूछताछ और बरामदगी पर फोकस
जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया। अब तक कथित रूप से चोरी की गई नकदी या कीमती वस्तुओं की बरामदगी भी नहीं हो सकी है। पुलिस ने केवल एक शालिग्राम शिला मिलने की जानकारी दी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा स्पष्ट होगी।
मंदिर समिति ने बदली व्यवस्था
इस प्रकरण के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। समिति ने कोषाध्यक्ष संदीप मेहता को इस जिम्मेदारी से हटा दिया है। समिति का कहना है कि उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला, लेकिन प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
कई स्तरों पर जारी है जांच
मामले की जांच फिलहाल तीन स्तरों पर चल रही है। एक ओर पुलिस की SIT साक्ष्य जुटा रही है, वहीं मंदिर समिति की आंतरिक जांच समिति भी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति भी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।